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राजस्थान में मुख्यमंत्री का संशय दूर गहलोत ही रहेंगे

राजस्थान में मुख्यमंत्री का संशय दूर गहलोत ही रहेंगे

-सत्य पारीक

राजस्थान की राजनीति में छाई तूफान से पहले की राजनीति में नये अध्यक्ष के चुनाव तक यथास्थिति बरकरार रहेगी । उच्च पदस्त सूत्रों से मिली ठोस जानकारी के अनुसार इस निर्णय के पीछे कारण यह है कि राजस्थान से 400 सदस्य पार्टी के अध्यक्ष पद चुनाव में मतदान करने वाले हैं , यदि सीएम को लेकर अभी कोई निर्णय लिया जाता है तो फिर मतदान के दौरान खेल होने की संभावना बढ़ जाएगी । क्योंकि ज्यादातर पीसीसी सदस्य मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कैंप से हैं । ऐसे में चुनावी प्रक्रिया में किसी तरीके की कोई बाधा न हो । इसी लिए पार्टी ने 19 अक्टूबर के बाद राजस्थान की सियासी भविष्य पर फैसला लेने का निर्णय लिया है ।

राजस्थान में 19 अक्टूबर तक मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई फैसला नहीं किया जाए और पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का मतदान हो जाने दिया जाए । महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेंद्र राठौड़ को मिले कारण बताओ नोटिस के जवाब का इंतजार किया जाए । उसके बाद राजस्थान में नए पर्यवेक्षक बनाकर भेजे जाएं, जो विधायकों की रायशुमारी करें । इस बार कांग्रेस पार्टी बिना रायशुमारी के कोई प्रस्ताव ले जाने की जल्दबाजी नहीं करेंगी । गहलोत अगला बजट पेश करना चाहते हैं । ऐसे में गहलोत को जल्द बजट लाने के लिए समय दिया जाए और उसके बाद उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष या संगठन महासचिव के पद दिया जाए जिस पर वे मुख्यमंत्री बनने से पहले रह चुकें है ।

कर्नाटक के मांड्या में राहुल गांधी ने पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले । दोनों में हुई चर्चा के बाद राजस्थान के सियासी संकट को दूर करने का फार्मूला निकाला गया । चर्चा ने पायलट के समर्थकों में बेचैनी बढ़ा दी है पार्टी की मानें तो दशहरा पर्व के चलते भारत जोड़ो यात्रा पर 2 दिन का ब्रेक लगा है । कर्नाटक के मांड्या से आगामी 6 अक्टूबर को फिर से यात्रा की शुरुआत होगी । 6 अक्टूबर को जब यह यात्रा शुरू होगी तो उसमें राहुल गांधी के साथ कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद रहेंगी । सोनिया गांधी इस यात्रा में हिस्सा लेने के लिए 2 दिन पहले ही कर्नाटक पहुंची है ।

राजस्थान की सियासी उठापटक को लेकर बीते 29 सितंबर को कांग्रेस के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि अगले 2 दिन में सीएम पर निर्णय लिया जाएगा, लेकिन सप्ताह बीत चुका हैं । बावजूद इसके किसी भी तरह की कोई सुगबुगाहट नहीं है । लेकिन अब यह माना जा रहा है कि राहुल-सोनिया की मुलाकात के दौरान सभी लंबित मसलों पर विस्तार से चर्चा हुई । इसके बाद बनने वाली रणनीति पर 19 अक्टूबर के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा, क्योंकि 19 अक्टूबर को कांग्रेस को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है. इसके बाद ही पार्टी संभवतः राजस्थान के सीएम को लेकर कोई निर्णय लेगी ।

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