जयपुर। चुनाव परिणाम के बाद बड़ा सर्वे सामने आया

चुनाव परिणाम के बाद बड़ा सर्वे सामने आया

चुनाव परिणाम के बाद बड़ा सर्वे सामने आया

जयपुर। राजस्थान के मतदाताओं में से एक तिहाई, जिन्होंने अंतः समय में निर्णय लिया उनमें से आधे मतदाताओं ने काुंग्रेस को चुना। भाजपा के परम्परागत वोटर्स में से  एक चौथाई मतदाता एक अलग ही विकल्प चुनते यदि प्रधानमंत्री उनकी पार्टी के  मुख्य चेहरा  नहीं   होते। कड़ी टक्कर वाले उम्मीदवारों के बारे में जानने के बाद हर पांच में से एक से भी कम मतदाताओ ने मतदान का विकल्प चुना, जबकि 11 % ने चुनाव प्रचार के दौरान ही निर्णय लिया।

 

मतदान व्यवहार को समझने के लिए लोकनीति -CSDS के सर्वे के अनुसार, राजस्थान विधानसभा चुनाव में 37% मतदाताओं ने अंतिम समय में  फैसला लिया हैं कि वे वोट किसको करेंगे। अंतिम समय में निर्णय लेने वालों में से लगभग 48 प्रतिशत मतदाताओं ने कांग्रेस को वोट दिया हैं।  (टेबल - 1)

 

सर्वे के अनुसार पांच में से एक से भी कम 18 प्रतिशत मतदाताओं ने उम्मीदवारों के बारे में जानने के बाद निर्णय लिया कि किसको वोट देंगे। दूसरी और 11 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान निर्णय लिया है। इससे यह साबित होता हैं कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए चुनाव कैम्पेनिंग कितना महत्वपूर्ण होता हैं।

ऊंची पहुुंच, कम प्रभाव: राजस्थान में प्रमुख राजनीततक दलों  ने मतदाताओं तक पहुँचने के तिए जिन तरीकों से  कोशिश की उनमें फोन कॉल करना, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे अन्य इंटरनेट के जरिये मेसेजिंग शामिल हैं। कांग्रेस इन तरीकों का इस्तेमाल करके दो तिहाई यानि 67% मतदाताओं तक पहुुंचने में कामयाब रही । इस समूह के पांच में से दो वोर्टस यानि 42% ने कांग्रेस को वोट दिया हैं।  (टेबल - 2)

 डोर-टू  -डोर प्रचार कैंपेन में  भाजपा की तुलना में कांग्रेस अधिक मतदाताओं  यानि 69% तक पहुुंचने में कामयाब रही। हालाँकि जिनलोगों  तक कांग्रेस पहुंची,  उनके वोटर्स भाजपा और कांग्रेस में सम्मान विभाजित हुए। इसके विपरीत जहाँ जहाँ भाजपा पहुुंची, उनमें से 45% ने भाजपा को वोट दिया जबकि 39% ने कांग्रेस को वोट दिया। राजस्थान में काुंग्रेस के चुनावी कैंपेन की एक प्रमुख  विशेषता उसकी 7 गारंटी यात्रा थी। क्योकि आधे से अधिक यानि  54% मतदाता इसके बारे में जानते थे ।  (टेबल - 3)

इनमें से 47% ने कांग्रेस को वोट दिया, जबकि  35% ने बीजेपी को चुना। इनके अलावा ये चुनावी कैंपेन अपनी-अपनी पार्टी की ओर मतदाताओं को रिझाने  के लिए स्टार प्रचारकों को एक मंच  भी प्रदान किया ।

राहुल गाँधी उन नेताओं में से एक थे जिन्होंने कांग्रेस का नेतृत्व किया। चुनावी कैंपेन में उनकी भागीदार ने पांच में से एक से अधिक मतदाताओं यानि 22% की  मतदान चॉइस को प्रभावित किया। कांग्रेस के मतदाताओं में से एक तिहाई यानि 32% उनके कैंपेन से प्रभावित थे।  (टेबल - 4)

भाजपा के कैंपेन का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। भाजपा को वोट देने वालों में से लगभग दो- तिहाई यानि 62% ने ऐसा ही किया भले ही पीएम मोदी ने प्रचार किया  हो या नहीं।  (टेबल - 5)

हालाँकि, ध्यान देने वाली बात ये भी है कि यदि प्रधानमुंत्री पार्टी कैंपेन का चेहरा न होते तो भाजपा के करीब एक चौथाई मतदाता यानि  24% किसी दूसरी पार्टी को चुन लेते।

 


सवाल जो मतदाताओं से पूछा गया - विधानसभा चुनाव में आपने किस पार्टी  वोट दिया ?

टेबल - 1: कांग्रेस ने चुनावी असफलता को रोकते हुए, अंतिम समय में निर्णय लेने वालों के वोट सुरक्षित किए।
विधानसभा चुनावों में पार्टियों को इस तरह वोट मिले 
  कांग्रेस   भाजपा 
अंतिम समय में निर्णय लेने वाले   48%  35%
चुनाव प्रचार के दौरान  31%  37%
उम्मीदवारों की घोषणा के बाद    34%  43%
शुरूआती निर्णायक   34%  52%

नोट: शेष मतदाताओं ने अन्य को वोट दिया 


मतदाताओं से पूछा गया सवाल: क्या चुनाव कैंपेन के दौरान राजनितिक पार्टियों  का कोई प्रत्याशी या कार्यकर्ता आपके घर वोट मांगने आया था?  चुनावी कैंपेन के दौरान राजनितिक दलों  ने  आपसे फोन कॉल, रिकार्डेड सन्देश, एसएमएस या व्हाट्सएप्प के माध्यम से संपर्क किया?

टेबल - 2:   प्रचार प्रसार के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को पीछे छोड दिया , लेकिन वोट 
प्रतिशत में कन्वर्ट कम हो पाया

   पार्टियों ने वोट के लिए   संपर्क किया  कुल अनुपात जिन पर   सम्पर्क किया गया हैं   2023 में पार्टी के लिए वोट किया 
 घर -  घर जाकर प्रचार 
 कांग्रेस   69%  42%  41%
 भाजपा   62%  39%  45%
 फोन कॉल, रिकार्डेड सन्देश, एसएमएस या व्हाट्सएप्प 
 कांग्रेस   67%  40%  42%
 भाजपा    56%  37%  47%

नोट: शेष मतदाताओं ने अन्य को वोट दिया 


मतदाताओं से पूछा गया सवाल : क्या आपने कांग्रेस पार्टी की 7 गारंटी के बारे में सुना हैं ?

टेबल - 3: कांग्रेस की 7 गारंटी यात्रा को लेकर जागरूकता का स्तर 

   कुल    विधानसभा चुनावों किस पार्टी को कितना वोट दिया 
     कांग्रेस    भाजपा 
 जागरूक  54%  47%  35%
 जागरूक नहीं   36%  29%  50%

नोट: शेष मतदाताओं ने अन्य को वोट दिया 


मतदाताओं से पूछा गया सवाल : क्या राहुल गाँधी के विधानसभा चुनाव कैंपेन ने  कांग्रेस पार्टी के लिए आपकी वोट चॉइस को प्रभावित किया ?

टेबल - 4: राहुल गांधी का प्रभाव : कांग्रेस मतदाताओं पर कैंपेन का प्रभाव 

   राहुल गाँधी की कैंपेन ने   मतदाताओं की वोट चॉइस को  कितना प्रभावित किया        प्रभावित किया      प्रभावित नहीं किया 
  कुल मतदाताओं    22%   56%
  कांग्रेस मतदाताओं   32%   48%

नोट: शेष मतदाताओं ने अन्य को वोट दिया 


मतदाताओं से पूछा गया सवाल : यदि नरेंद्र मोदी राजस्थान में भाजपा के चुनावी कैंपेन का चेहरा नहीं होते तो क्या आप उस पार्टी को वोट देते जिसे आपने इस बार चुना है, या आपकी पसंद कुछ और होती ?

टेबल - 5: भाजपा के 24 % मतदाता पीएम मोदी के अभियान को अपना समर्थन देते 

 अगर नरेंद्र मोदी राजस्थान में   भाजपा के चुनावी कैंपेन का   चेहरा नहीं होते   उसी पार्टी को वोट देते    दूसरी पार्टी को वोट देते 
 कुल मतदाता   52%  26%
 भाजपा मतदाता   62%  24%

नोट: शेष मतदाताओं ने अन्य को वोट दिया 

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