Barmer, rajasthan मेवाराम जैन की एंट्री से कांग्रेस में खलबली, राजस्थान की राजनीति में नई हलचल

मेवाराम जैन की एंट्री से कांग्रेस में खलबली, राजस्थान की राजनीति में नई हलचल

मेवाराम जैन की एंट्री से कांग्रेस में खलबली, राजस्थान की राजनीति में नई हलचल

बाड़मेर।  राजस्थान की राजनीति में मेवाराम जैन का नाम फिर से चर्चाओं का विषय बन गया है। उनके वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी से उन्हें निकाला गया था, लेकिन अब उनकी वापसी की उम्मीद बहुत बड़ी है।मेवाराम जैन के खिलाफ उठे आरोपों को बर्खास्त करने के बाद, उन्हें अब मुक्ति मिल गई हैं।

 

पन श्चिमी राजस्थाकी राजनीति में मेवाराम का कद बहुत बड़ा था लेकिनअश्लील वीडियो वायरल होने से अब आमजन इस नेता का नाम बहुत ज्यादा बदनाम हो गया था। कांग्रेस के नेता भी उन पर हमला बोलने लगे थे लेकिन खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि यह नेता वापसी को लेकर हाथपांव मार रहा है और विरोधी इसे रोकने में लगे हुए है।

कांग्रेस नेताओं ने बोला था हमला:  बाड़मेर विधानसभा से 3 बार विधायक और राजस्थान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे मेवाराम जैन विधानसभा चुनाव 2023 में हारने के बाद तथाकथित दुष्कर्म मामले में फंस गए और ईडी की कार्रवाई के चलते यह नेता गायब हो गया। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद हरीश चौधरी द्वारा जैन का नाम लिए बिना उन पर जुबानी हमला करना बहुत कुछ बता रहा था। इस हमले से लगा की आने वाले दिनों में मेवाराम जैन जल्द ही राजनीति में वापसी कर सकता है।

पायलट गुट का विरोध: बाड़मेर के एक युवा नेता की पोस्ट से इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह कांग्रेस में एंट्री करने की तैयारी में है। यह युवा नेता पायलट गुट का हैं और वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के सदस्य हैं। बाड़मेर विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन गहलोत के गुट से आने वाले मेवाराम जैन के कारण उनको टिकट नहीं मिला।

पोस्ट में क्या लिखा: कार्यक्रम को लेकर निमंत्रण पत्रिका छपवाई गई, जिसमें पूर्व विधायक मेवाराम जैन, आजाद सिंह राठौड़ सहित कई नेताओं जनप्रतिनिधियों और समाजसेवीओं का नाम लिखा हुआ है। इसी को लेकर कांग्रेस नेता आजाद सिंह राठौड़ ने आपत्ति जताते हुए लिखा, अश्लील व बेशर्म लोग मुझे अपने ग्रुप में शामिल करने की कोशिश ना करें। मुझे बाड़मेर की अगली आने वाली पीढ़ी को भी जवाब देना है।

रविंद्र भाटी का दिया साथ: कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व विधायक पर जुबानी हमलों से पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए विरोधियों का साथ दिया है। दुष्कर्म मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद यह बात निकलकर सामने आ रही है कि लोकसभा चुनाव में मेवाराम जैन ने निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी की मदद की थी। इसके बाद से ही कांग्रेस के नेताओं उनकी वापसी पर ब्रेक लगाने की तैयारी कर रखी है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या मेवाराम जैन कांग्रेस में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

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