जयपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले- डेमोक्रेसी हमारी सबसे बड़ी ताकत, सदस्य को निलंबित करना सबसे बड़ी पीड़ा

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले- डेमोक्रेसी हमारी सबसे बड़ी ताकत, सदस्य को निलंबित करना सबसे बड़ी पीड़ा

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले- डेमोक्रेसी हमारी सबसे बड़ी ताकत, सदस्य को निलंबित करना सबसे बड़ी पीड़ा

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में विधायकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके शुरुआती सत्र को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत हमारी डेमोक्रेसी है। हमारी डेमोक्रेसी सबसे पुरानी और सबसे प्रभावी है। दुनिया के लिए भारत प्रजातंत्र की दृष्टि से आदर्शवादी है। दूसरी हमारी जो मजबूती है वह हमारी कार्यपालिका है। कार्यपालिका में पहुंचने वाले दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षा पास कर वहां पहुंचते हैं। हम विकास को राजनीतिक चश्मे से नहीं देख सकते हैं। सदस्य को निलंबित करना सबसे बड़ी पीड़ा का कारण है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार को आईना दिखाया जाएगा तो यह बहुत लाभकारी होगा। सबसे पहले तो यह विधायकों को ध्यान रखना चाहिए कि विधानसभा की कार्यवाही कैसे होती है। सरकार को चलाना और सत्ता पक्ष को राह दिखाना, ये पक्ष और विपक्ष दोनों का काम है। आज का परिदृश्य चिंता और चिंतन का है। आज लोग सदन के अंदर विधायकों का आचरण देखकर चिंतित हैं। उनका आचरण जनता की नजर में कई बार ठीक नहीं होता। कुछ समय के लिए उनका अमर्यादित आचरण सुर्खियों में जरूर रहता है, लेकिन यह अधिक समय तक जनता के बीच प्रभाव नहीं डाल सकता है।

धनखड़ ने कहा कि मैं 1989 में लोकसभा का सदस्य बना, केंद्र में मंत्री रहा। हमारी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सोने को गिरवी भी रखना पड़ा था, लेकिन आज भारत दुनिया की 5वीं आर्थिक महाशक्ति बन चुका है। जिस गति से भारत आगे बढ़ रहा दुनिया अचंभित है। दुनिया सोच रही है कि ऐसा भारत हो सकता था क्या ? यह नेतृत्व और नीति बनाने वाले के लिए अहम है। यह भारत के आम आदमी की मेहनत का परिणाम है। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने राजस्थान विधानसभा के पूर्व स्पीकर डॉ. सीपी जोशी का अभिनंदन करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। धनखड़ ने कहा कि डॉ. सीपी जोशी ने राजनीति से ऊपर उठकर कार्यक्रम किए। अशोक गहलोत ने तब यही कहा था कि जादूगर तो मैं हूं लेकिन आपने यह कैसे जादूगरी की। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि ओम बिड़ला जी से मैंने ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने मुझे कहा कि कुर्सी पर जब बैठो तो पहले बांई तरफ देखो। बाईं ओर विपक्ष बैठता है और दाहिने ओर सत्ता पक्ष। एक बार खड़गे जी ने मुझसे कहा था- मोहब्बत हमसे और शादी उनसे।

धनखड़ ने कहा कि अपनों के बीच बोलना कठिन है। देवनानी जी से मेरा परिचय पुराना है। मर्यादित तरीके से कटाक्षपूर्व विरोध करना कोई आपसे सीखे। भजनलाल शर्मा को सौभाग्य जिस तरीके से मिला है, उससे संकेत मिलता है कि भारत बदल गया है, अब सब कुछ मुमकिन है। भजनलाल शर्मा ने कम समय में लोकप्रियता हासिल की। कम समय में हासिल लोकप्रियता को बढ़ाना और बचाना आपके ऊपर है। मुझे कोई शंका नहीं है कि आप खरा उतरेंगे।

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