जयपुर। राजस्थान की सबसे बड़ी धार्मिक पदयात्राओं में शामिल लक्खी पदयात्रा को लेकर सियासत तेज हो गई है। 18 अगस्त से जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर से डिग्गी स्थित कल्याणधणी मंदिर के लिए शुरू होने वाली करीब 90 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसी बीच यात्रा मार्ग की तैयारियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधा है।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि हिंदू धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार के सामने लक्खी पदयात्रा से पहले व्यवस्थाओं की जो स्थिति है, उससे उसकी कथित लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांगानेर से रेनवाल तक करीब 25 किलोमीटर के मार्ग पर कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं, बारिश के कारण गहरे गड्ढे हो गए हैं और लंबे समय से नालों की सफाई नहीं हुई है।
गहलोत ने कहा कि जिन रास्तों से लाखों श्रद्धालु गुजरने वाले हैं, वहां बुनियादी व्यवस्थाएं अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। उनके मुताबिक, स्थानीय लोग लंबे समय से सफाई और सड़क सुधार की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण और सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को जिम्मेदारी निभाने की जरूरत बताई।

दरअसल, इस बार लक्खी पदयात्रा में जयपुर के साथ टोंक, दौसा, अजमेर, सवाई माधोपुर, नागौर और सीकर समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजनों से जुड़े अनुमान के मुताबिक, 9 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो सकते हैं और पदयात्रा 22 अगस्त को डिग्गी स्थित कल्याणधणी मंदिर पहुंचने की योजना है।
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने के बावजूद यात्रा मार्ग पर प्रशासनिक तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कई विभागों के बीच व्यवस्थाओं को लेकर अभी तक विस्तृत रोडमैप सामने नहीं आया है। सड़क मरम्मत, सफाई, यातायात, चिकित्सा, पेयजल और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं के लिए समन्वय की जरूरत है, लेकिन इस दिशा में अब तक पर्याप्त तैयारी नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
गहलोत ने सरकार से मांग की कि पदयात्रा शुरू होने से पहले पूरे मार्ग की सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी धार्मिक यात्रा के दौरान किसी तरह की लापरवाही से दुर्घटना हो सकती है और श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
लक्खी पदयात्रा हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हैं। ऐसे में सड़क और सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बारिश के मौसम को देखते हुए गड्ढों और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष ध्यान देना जरूरी माना जा रहा है।
फिलहाल यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं और प्रशासन के सामने कम समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की चुनौती है। अब देखना होगा कि 18 अगस्त से पहले यात्रा मार्ग पर सड़क, सफाई, यातायात और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम कितने प्रभावी तरीके से पूरे किए जाते हैं।