Jodhpur : राजस्थान नगर निकाय चुनाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को जोधपुर पहुंचकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। गहलोत ने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी है और निकाय चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लगातार हो रहे रोड शो पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार ने ढाई साल में काम किया होता तो मुख्यमंत्री को निकाय चुनाव में इस तरह लगातार प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।
जोधपुर में चुनावी माहौल का जायजा लेने पहुंचे गहलोत ने कहा कि उन्हें चुनावी फीडबैक में कांग्रेस के प्रति लोगों का जुड़ाव दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, जोधपुर सहित पूरे राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और जनता इस बार भाजपा को जवाब देने के मूड में है। गहलोत ने यह भी दावा किया कि भाजपा जिन वर्गों को अपना पारंपरिक वोट बैंक मानती रही है, उनमें भी इस बार नाराजगी दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निकाय चुनाव में लगातार रोड शो और सभाओं को लेकर गहलोत ने खास तौर पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनाव स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में लड़े जाने चाहिए। गहलोत ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को पूरे राजस्थान में रोड शो करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अपने कार्यकाल में काम किया होता तो चुनाव के समय मुख्यमंत्री को इस तरह लगातार प्रचार करने की आवश्यकता नहीं होती।
भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान राजस्थान के कई शहरों में रोड शो और सभाएं की हैं। जयपुर में 9 सितंबर को हुआ रोड शो दूसरे चरण के प्रचार का अंतिम बड़ा कार्यक्रम था। इसी को लेकर गहलोत ने भाजपा सरकार की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार के कामकाज से जोड़ने की कोशिश की।
गहलोत ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उनके मुताबिक, सड़क, सफाई, पेयजल, सीवरेज, पट्टे और शहरों में विकास से जुड़े मुद्दों पर मतदाता अपना फैसला करेंगे। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई स्थानीय मुद्दों पर अपेक्षित गति दिखाई नहीं दे रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी घेरा। गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं को बंद या कमजोर किए जाने का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और निकाय चुनाव में मतदाता अपने वोट के जरिए सरकार के कामकाज का जवाब देंगे।
जोधपुर नगर निगम चुनाव इस बार कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। गहलोत का राजनीतिक प्रभाव जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है, वहीं भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता गजेंद्र सिंह शेखावत भी क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के नेताओं की सक्रियता ने जोधपुर के निकाय चुनाव को और हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का पूरा ध्यान मतदान पर है। स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ पार्टी संगठन, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ और बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी भी कई वार्डों में मुकाबले को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में गहलोत के दावों की वास्तविक तस्वीर 11 सितंबर को होने वाले मतदान और उसके बाद सामने आने वाले नतीजों से ही साफ होगी।
अब जोधपुर के मतदाता तय करेंगे कि चुनावी मैदान में चल रहे दावों और आरोपों के बीच उनका फैसला किसके पक्ष में जाता है। राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि 14 सितंबर को मतगणना के बाद परिणाम सामने आएंगे।
गौरतलब है कि गहलोत के बयान राजनीतिक दावे और आरोप हैं। भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली, जनता में नाराजगी और कांग्रेस के पक्ष में माहौल को लेकर किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि चुनाव परिणाम आने तक नहीं की जा सकती।