मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में दो ईरानी हमलावर ड्रोन मार गिराए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रहे थे। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और तीव्र हो गया है, जबकि ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
इसके बीच लेबनान में इजराइली हमले तेज हो गए हैं। दक्षिणी लेबनान में हुए इजराइली हमलों में लेबनानी सेना के एक ब्रिगेडियर जनरल समेत 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं, सेंट्रल इजराइल में एक पेट्रोल पंप पर हुए आतंकी हमले में एक शख्स की मौत हो गई और 4 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है।
आइए जानते हैं पिछले 24 घंटे की सबसे बड़ी 5 घटनाओं और क्षेत्रीय तनाव के विस्तृत विश्लेषण के बारे में।
1. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 3,593 पहुंचा
2 मार्च से जारी इजराइली हमलों में अब तक लेबनान में 3,593 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,990 लोग घायल हुए हैं। पिछले 24 घंटे में अकेले 35 लोगों की जान गई और 120 घायल हुए। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर हताहत आम नागरिक हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।
दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले और तेज हो गए हैं। शनिवार को हमलों में लेबनानी सेना के एक ब्रिगेडियर जनरल समेत 10 लोगों की मौत हुई। हमलों के बाद कई इलाकों में लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए गए हैं। बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजराइल ने एक बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया, जिसकी कई मंजिलें नष्ट हो गईं। स्थानीय मीडिया ने कुछ लोगों के हताहत होने की खबर दी है, हालांकि इस समय इमारत में कौन मौजूद था, यह स्पष्ट नहीं है।
लेबनानी सैन्य काफिले पर हुए इजराइली हमले की जॉर्डन ने कड़ी निंदा की है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इसे लेबनान की संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता का खुला उल्लंघन बताया। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फुआद माजाली ने कहा कि लेबनान पर इजराइली हमले तुरंत रोके जाने चाहिए।
2. अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन होर्मुज में ईरानी ड्रोन गिराए
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में दो ईरानी हमलावर ड्रोन मार गिराए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रहे थे। CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी बलों ने दो ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
इससे पहले शनिवार को भी अमेरिका ने चार ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया था। लगातार दो दिनों तक ड्रोन गिराए जाने के दावे के बाद होर्मुज में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने यह नहीं बताया कि ड्रोन कहां से उड़ाए गए थे और उन्हें किस हथियार प्रणाली से मार गिराया गया। CENTCOM ने कहा कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बल ईरान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया। ईरानी फॉरेन मिनिस्ट्री का कहना है कि अमेरिका तनाव कम करने के बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।
3. ईरान ने आरोप लगाया—अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। ईरानी फॉरेन मिनिस्ट्री का कहना है कि अमेरिका ने सीरिक और केश्म द्वीप पर तटीय रडार ठिकानों पर हमला कर युद्धविराम का उल्लंघन किया। ईरान ने कहा कि इसके बाद पैदा होने वाले हालात की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।
ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत में सबसे बड़ी परेशानी उसका बार-बार बदलता रुख है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी अलग-अलग बयान देते हैं, जिससे किसी समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से मैसेज का एक्सचेंज जारी है, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बगाई ने कहा कि अमेरिका को ईरान के अधिकारों को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम चलाने और यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है। ईरान ने यह भी मांग दोहराई कि विदेशों के बैंकों में जमा उसके अरबों डॉलर के फंड पर लगी रोक हटाई जाए और यह पैसा ईरान को वापस दिया जाए।
4. ईरान-अमेरिका डील 24 अरब डॉलर पर अटकी
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित शांति समझौता ईरान की 24 अरब डॉलर (करीब ₹2.29 लाख करोड़) की फ्रीज संपत्ति जारी होने पर टिका है। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं, जबकि अमेरिका इस पर अभी सहमत नहीं है।
अमेरिका ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों का इस्तेमाल कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर सकता है। ट्रम्प प्रशासन इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरान की जब्त संपत्तियों को खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों में लगाने की योजना बना रहा है।
5. ईरानी विदेश मंत्री से मिले पाकिस्तानी गृहमंत्री
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरान की राजधानी तेहरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक संदेश ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई तक पहुंचाया।
बैठक में दोनों नेताओं ने ईरान और पाकिस्तान के रिश्तों पर चर्चा की। साथ ही ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इजराइल युद्ध को खत्म करने के लिए जारी कोशिशों पर भी बात की। पाकिस्तान का कहना है कि वह इस संघर्ष को खत्म कराने के लिए बातचीत में मदद कर रहा है। इसी को लेकर दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श हुआ।
नकवी ने कहा कि वह पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर का संदेश ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई तक पहुंचाने के लिए ईरान आए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु संवर्धन, यूरेनियम भंडार, अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियों और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर अब भी बड़ा मतभेद बना हुआ है।
ट्रम्प बोले—“युद्ध की कोई गारंटी नहीं”, ईरानी सुप्रीम लीडर की सेहत पर भी कही बड़ी बात
अमेरिकीPresident Donald Trump ने एक टीवी इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी यह वादा नहीं किया था कि अमेरिका किसी नए युद्ध में शामिल नहीं होगा। एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम मीट द प्रेस में बातचीत के दौरान ट्रम्प से पूछा गया कि चुनाव प्रचार के समय उन्होंने अमेरिका को विदेशी युद्धों से दूर रखने की बात कही थी। इस पर ट्रम्प ने जवाब दिया, “मैंने कभी यह नहीं कहा कि कोई युद्ध नहीं होगा। अगर ऐसा होता तो मैं दुनिया की सबसे मजबूत सेना क्यों बनाता?”
ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लंबे समय तक चलने वाले युद्ध पसंद नहीं हैं, लेकिन यह वैसा युद्ध नहीं है। उन्होंने कहा, “यह अंतहीन युद्ध नहीं है। यह सिर्फ तीन महीने से चल रहा है।”
ट्रम्प ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनकी मौजूदा स्थिति पर कुछ निश्चित नहीं कहना चाहते, लेकिन उनके गंभीर रूप से घायल होने की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया था। इसके बाद ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। बाद में 9 मार्च को उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया। हालांकि मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर अब भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह भी हमले की चपेट में आए थे, जबकि कुछ का कहना है कि वह घायल हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रम्प बोले—हिजबुल्लाह पर और सटीक हमले होने चाहिए
ट्रम्प ने कहा है कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ और ज्यादा सटीक हमले किए जाने चाहिए। एनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि वह चाहते हैं कि लेबनान के लोगों का जीवन बेहतर हो। उनके मुताबिक, हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई व्यापक हमलों की बजाय ज्यादा सटीक तरीके से की जानी चाहिए।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के महीनों में लेबनान में संघर्ष और हमले लगातार जारी हैं। उन्होंने अपने बयान को लेबनान के लोगों की बेहतरी से जोड़ा, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फोआद इजादी का कहना है कि ईरान के कई लोगों का मानना है कि उनके देश की जिम्मेदारी है कि वह हिजबुल्लाह और लेबनान के लोगों का साथ दे। उन्होंने कहा कि लेबनान में सीजफायर होना था, लेकिन इजराइल ने उसका पूरी तरह पालन नहीं किया। उनके मुताबिक, सीजफायर लागू होने के बाद से लेबनान में 400 से ज्यादा आम नागरिक मारे जा चुके हैं, जबकि बेरूत को हमलों से बाहर रखा जाना था।
ओपेक+ ने जुलाई के लिए तेल उत्पादन बढ़ाया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है—तेल दरों पर कम असर पड़ेगा
तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक+ ने जुलाई महीने के लिए तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत सदस्य देश रोजाना 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त तेल उत्पादन कर सकेंगे।
यह फैसला रविवार को हुई ऑनलाइन बैठक में लिया गया। बैठक में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान समेत कई देशों ने हिस्सा लिया। ओपेक+ का कहना है कि यह कदम तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाने की घोषणा से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि असली समस्या यह है कि होर्मुज में जारी तनाव और संघर्ष की वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
ईरान ने ट्रम्प की मुलाकात वाली पेशकश ठुकराई
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलने की ट्रम्प की पेशकश को खारिज कर दिया है। अराघची ने कहा कि ऐसी बातों पर चर्चा करने से पहले हकीकत को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें वास्तविक दुनिया में रहना चाहिए।”
दरअसल, ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अगर हालात ठीक रहे तो भविष्य में उनकी खामेनेई से मुलाकात हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के इस बयान को गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया है। अराघची के बयान से साफ है कि फिलहाल तेहरान ऐसी किसी मुलाकात की संभावना नहीं देख रहा।
वर्ल्ड कप में ईरानी टीम को मैच वाले दिन ही अमेरिका छोड़ना होगा
अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों का असर अब 2026 फीफा वर्ल्ड कप पर भी दिखने लगा है। ईरान की फुटबॉल टीम को अमेरिका में सिर्फ मैच खेलने की अनुमति मिलेगी और उसे उसी दिन वापस लौटना होगा।
मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफजल पसंदिदेह ने बताया कि मौजूदा अमेरिकी नियमों के तहत ईरानी टीम सुबह अमेरिका में प्रवेश कर सकती है, लेकिन उसे उसी दिन देश छोड़ना होगा। इसी वजह से ईरान ने अपना ट्रेनिंग कैंप अमेरिका के एरिजोना से हटाकर मेक्सिको में बनाने का फैसला किया है। पहले टीम एरिजोना के टक्सन शहर में तैयारी करने वाली थी।
ईरान को वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में अमेरिका में तीन मैच खेलने हैं। इनमें दो मुकाबले लॉस एंजिलिस और एक सिएटल में होना है। अमेरिका ने ईरान समेत कुछ देशों के नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगा रखे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को मैच खेलने के लिए सीमित प्रवेश मिलेगा, लेकिन टीम लंबे समय तक अमेरिका में नहीं रुक सकेगी।
इजराइल में गोलीबारी के बाद सुरक्षा बढ़ी, हमास ने जारी किया बयान
सेंट्रल इजराइल के कोखाव याइर स्थित पेट्रोल पंप पर हुई गोलीबारी में इस्तेमाल किया गया हथियार पुलिस ने बरामद कर लिया है। राहत एजेंसियों के मुताबिक, हमला सिर्फ कोखाव याइर में नहीं बल्कि पास के त्ज़ूर नातान और त्ज़ूर यित्ज़हाक कस्बों में भी हुआ।
पुलिस ने बताया कि एक दूसरे संदिग्ध को पकड़ लिया गया है। इसके बाद भी पुलिस, सेना और विशेष सुरक्षा टीमें इलाके में बाकी संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें।
हमले के बाद इजराइली सेना प्रमुख एयाल जमीर ने सीनियर अधिकारियों के साथ फोन पर सुरक्षा हालात की समीक्षा की और कब्जे वाले पश्चिमी तट में मिलिट्री ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए। इजराइली सेना के मुताबिक, एयाल जमीर उस समय गाजा दौरे पर थे। वहीं से उन्हें हमले की शुरुआती जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की।
इधर, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ हालात की समीक्षा की और कहा कि वह इस घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इजराइल में हुई गोलीबारी की घटना पर हमास ने बयान जारी किया है। संगठन ने कहा कि यह घटना गाजा और पश्चिमी तट में चल रही इजराइली सैन्य कार्रवाई और बढ़ते तनाव से जुड़ी है। हमास का कहना है कि गाजा, पश्चिमी तट और यरुशलम में लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई और छापेमारी की वजह से हालात और खराब हुए हैं।
अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजराइल को सैन्य मदद बढ़ाने का विरोध किया
अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजराइल को सैन्य मदद बढ़ाने वाले प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका आरोप है कि इसे अलग तरीके से पेश किया जा रहा है, लेकिन इसका मकसद इजराइल को और ज्यादा अमेरिकी फंडिंग उपलब्ध कराना है।
सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अमेरिकी जनता इजराइल के युद्धों पर होने वाले खर्च से नाराज है। इसके बावजूद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके समर्थक कांग्रेस के जरिए सैन्य सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेंटागन के संयुक्त उत्पादन समझौते के जरिए इजराइल को मिलने वाली सैन्य सहायता जारी रखने की योजना बनाई जा रही है। सैंडर्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव को अमेरिकी मदद कम करने के तौर पर पेश किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में इससे इजराइल को और ज्यादा अमेरिकी पैसा मिलेगा।
यह प्रावधान अमेरिका के नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (NDAA) में शामिल है। डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना और रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने भी इसका विरोध किया है।
यमन ने कुवैत-बहरीन पर ईरानी हमलों की निंदा की
यमन ने कुवैत और बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। यमन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
यमन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह ईरान के हालिया हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ये घटनाएं ईरानी शासन की आक्रामक और आतंकवादी प्रकृति को फिर उजागर करती हैं। यमन ने कहा कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता को कमजोर करते हैं।
ब्रिटेन में फिलिस्तीन के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन
ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में सैकड़ों लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटिश सरकार से इजराइल को समर्थन देना बंद करने और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर कब्जा खत्म कराने की मांग की।
‘फ्रेंड्स ऑफ फिलिस्तीन इन ग्रेटर मैनचेस्टर’ के आह्वान पर आयोजित इस मार्च में लोगों ने फिलिस्तीनी झंडे लहराए और समर्थन में नारे लगाए। यह प्रदर्शन 1967 के अरब-इजराइल युद्ध (नकसा) की 59वीं वर्षगांठ के मौके पर हुआ। इसी युद्ध के बाद इजराइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी पर कब्जा कर लिया था।