बाड़मेर। जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर के अध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज शहर के मुख्य चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन कर राजस्थान सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, कई जिला कार्यकारी और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर भ्रष्टाचार, सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं और जनसुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।


गोदारा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और आमजन की समस्याओं पर ध्यान न देकर अपने स्वार्थ साधने में लगी हुई है। उन्होंने बीज जांच वसूली प्रकरण, दवा खरीद में अनियमितताओं तथा अन्य मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घोटालों ने सरकार की छवि को धूमिल कर दिया है। गोदारा ने कहा, “आज किसान, छोटे व्यापारियों और आम जनों की आवाज बुलंद करने के लिए हम सड़कों पर उतरे हैं। पानी और बिजली की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, अस्पतालों में दवाइयों की सही आपूर्ति नहीं हो रही और सरकारी तंत्र मामलों को दबा रहा है।”
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बीज और दवा खरीद में पारदर्शिता और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी-बिजली की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि किसान अधिकारीयों द्वारा वसूली और गलत तरीके से बीज की जांच के नाम पर किए जा रहे घोटाले से कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहा है और इससे फसलों पर असर पड़ रहा है।
गोदारा ने कहा कि कांग्रेस विपक्षी भूमिका निभाते हुए सरकार के इन मामलों को लगातार अपने स्तर पर उठाती रहेगी और जरूरत पड़ी तो राज्य स्तरीय आंदोलनों को भी सक्रिय करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी जनहित के मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी और हर मंच पर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएगी। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन से जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, परन्तु प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में और बड़े पैमाने पर आंदोलन किए जाएंगे। प्रदर्शन कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन के बाद एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपने का प्रयास किया; हालांकि सुरक्षा कारणों से ज्ञापन सौंपने में कुछ विलंब रहा। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।