नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर मुलाकात की, जहां खेल के साथ-साथ कई दिलचस्प और भावुक पल भी देखने को मिले। इस दौरान सिल्वर मेडल जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
बेरवाल ने बातचीत के दौरान साल 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस टूर्नामेंट में उनका पहला मुकाबला एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से था। मैच से पहले भारतीय सेना की ओर से उन्हें साफ संदेश मिला था कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला किसी भी हाल में हारना नहीं है। इस दबाव के बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला बाउट 4-1 से अपने नाम किया। दूसरा मुकाबला और भी ज्यादा कड़ा रहा, लेकिन बेरवाल ने 3-2 से जीत हासिल कर ली। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए, जिससे वे घायल हो गए और इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
अस्पताल में ही एक हल्का-फुल्का लेकिन यादगार पल सामने आया। बेरवाल ने बताया कि पाकिस्तानी मुक्केबाज ने मुस्कुराते हुए उनसे कहा—तुम्हारा नाम नरेंद्र है, तुम्हारे कोच का नाम भी नरेंद्र है और तुम्हारे प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है, अब तो मुझे ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत हो गई है। यह किस्सा सुनते ही वहां मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगे और प्रधानमंत्री मोदी भी जोर से हंस पड़े।
बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 90 प्लस कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। हालांकि वह गोल्ड से एक कदम दूर रह गए और फाइनल में इंग्लैंड के डामार थॉमस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा ।
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार नई ऊंचाइयों को छुआ है और देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से बातचीत करते हुए उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनके आंसू भी गोल्ड मेडल जैसे लग रहे थे। चानू ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद उनका समय बेहद कठिन रहा, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत के बाद राष्ट्रगान के दौरान भावनाएं उमड़ पड़ीं और वह खुद को रोक नहीं सकीं।
इस दौरान कई अन्य खिलाड़ियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बॉक्सर जादुमणि सिंह ने बताया कि कारगिल विजय दिवस के दिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि जीत हासिल करनी है, और जीत के बाद उन्होंने अपना मेडल कारगिल के वीरों को समर्पित किया। वहीं एथलीट सीमा कालीरमन ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब वह अपने दोस्तों से गर्व से कह सकेंगी कि वह प्रधानमंत्री मोदी से मिल चुकी हैं।
बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन के एक साहसिक कदम की भी चर्चा हुई, जब उन्होंने विदेश के एक रेस्टोरेंट में भारत के गलत नक्शे पर आपत्ति जताई और उसे ठीक करवाया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके इस जागरूक रवैये की सराहना की। वहीं पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने अपनी जीत अपने गुरु को समर्पित करते हुए बताया कि जिस दिन उनका इवेंट था, उसी दिन गुरु पूर्णिमा थी, इसलिए उन्होंने अपना गोल्ड मेडल अपने कोच को समर्पित कर दिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए बेहद सफल रहा, जहां देश ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल जीते। खास बात यह रही कि बॉक्सिंग इस बार भारत का सबसे सफल खेल बनकर उभरा, जिसमें खिलाड़ियों ने कुल 10 मेडल हासिल किए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय खेल जगत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।