जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने NEET UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक पर राजस्थान सरकार और SOG की भूमिका पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की, जबकि NTA ने बिना FIR के ही परीक्षा रद्द कर दी। गहलोत ने इसे राज्य की बदनामी का कारण बताया और केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर संगठित गैंग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह बयान राजनीतिक बहस को और गर्मा सकता है, खासकर जब पेपर लीक की घटनाएं 2024 से लगातार जारी हैं।
NEET 2026: छात्रों की शिकायतों पर पुलिस की उदासीनता
गहलोत ने बताया कि 3 मई को हुई NEET परीक्षा के तुरंत बाद, 3 और 4 मई को ही छात्रों और अभ्यर्थियों ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। “पुलिस ने कोई परवाह नहीं की, इसके बाद छात्रों ने NTA को पत्र लिखा। NTA ने डीजी पुलिस को सूचित किया, तब जाकर मामला SOG को सौंपा गया। SOG ने 20-30 लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन FIR दर्ज करने में देरी हुई। गहलोत ने सवाल उठाया, “FIR तक दर्ज नहीं कर रहे थे। कल ही मैंने मांग की थी कि FIR दर्ज करें, अरेस्ट करें, जांच शुरू करें। पूरे राजस्थान की बदनामी हो रही थी।”
उन्होंने राज्य सरकार पर इशारा करते हुए कहा कि SOG अधिकारियों में असमंजस था। क्या स्टेट गवर्नमेंट ने ऐसे इंस्ट्रक्शन दिए होंगे? SOG से भी खबरें आ रही थीं कि कार्रवाई आगे बढ़ाएं या नहीं। यह बहुत अनफॉर्चूनेट था। जयपुर और सीकर से पेपर लीक की खबरें सुर्खियों में हैं, लेकिन आज तक FIR दर्ज नहीं हुई। SOG जांच कर रही है, लेकिन FIR लॉज तो आज भी नहीं की।
NTA का त्वरित फैसला: 22 लाख छात्रों का एग्जाम रद्द
NTA ने बिना FIR के ही NEET 2026 को रद्द कर दिया, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। गहलोत ने इसे NTA के पास मजबूत सबूतों का प्रमाण बताया। छात्रों ने डॉक्यूमेंट्स भेजे, NTA कन्विंस हो गई और इतना बड़ा एग्जाम रद्द कर दिया। इसका मतलब उनके पास ठोस प्रूफ पहुंचे। क्या ये प्रूफ SOG या राजस्थान सरकार तक नहीं पहुंचे ? या बदनामी के डर से चुप्पी साध ली?” CBSE को जांच सौंपी गई है, और गहलोत ने CBI से लॉजिकल कन्क्लूजन की उम्मीद जताई।
तीन साल का सिलसिला: 2024 से लगातार पेपर लीक
यह पहली घटना नहीं है। गहलोत ने कहा, “2024 में पेपर आउट हुआ, 2025 में हुआ, 2026 में हो रहा है। तीन साल लगातार NTA से पेपर लीक।” राजस्थान सहित कई राज्यों में समस्या बनी हुई है। “राज्यों के एग्जाम में भी—यूपी, गुजरात, देहरादून, बिहार से रिपोर्ट्स आईं। राष्ट्रव्यापी गैंग्स बन गए हैं।” नौजवान पीढ़ी परेशान है—तैयारी करते हैं, एग्जाम रद्द। राजस्थान में भी एक राज्य स्तरीय परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
गहलोत ने इसे राष्ट्रीय चुनौती बताया: “ऑर्गेनाइज्ड वे में गैंग्स काम कर रहे हैं। भारत सरकार को तह तक जाना चाहिए, वरना आगे भी यही होगा। आर्मी, ज्यूडिशियरी—हर संस्था में पेपर लीक हो रहे हैं। वंस फॉर ऑल समस्या हल होनी चाहिए।”
राजनीतिक तंज: हमारी सरकार में FIR दर्ज होती थी
गहलोत ने वर्तमान भाजपा सरकार पर नेगेटिव अप्रोच का आरोप लगाया। “हमारे वक्त में केस दर्ज होते थे, पेपर रद्द कर दोबारा करवाते थे। इनकी अप्रोच नेगेटिव है। दो साल से राजस्थान को पेपर लीक का केंद्र बनाया जा रहा है। SOG की बदनामी हो रही—FIR क्यों नहीं? रिपोर्ट भेजी तो पब्लिक को बताएं। सब रहस्य बने हैं।” उन्होंने कहा, “बेरोजगारी ज्यादा है, बेरोजगारों ने धंधा पकड़ लिया। बड़े नेता भी शामिल। नाम आते हैं। सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।”
केंद्र पर निशाना साधते हुए बोले, “भारत सरकार का एजेंडा सिर्फ चुनाव जीतना। साम, दाम, दंड, भेद। चुनाव जीतना जरूरी, लेकिन ऐसी घटनाएं रोकना भी।” शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अपील की: “मंत्रालय के मंत्री हैं, बताएं पेपर लीक क्यों हो रहे? ध्यान दें।”
व्यापक प्रभाव: युवाओं का भविष्य खतरे में
पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया। राजस्थान में कोचिंग हब जयपुर-सीकर की छवि खराब हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सिस्टमेटिक तरीके से काम कर रहा—सॉल्वर गैंग्स, लीक नेटवर्क। गहलोत की अपील के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार से सफाई मांगी। भजनलाल शर्मा सरकार ने अभी चुप्पी साधी है, लेकिन SOG प्रेस रिलीज जारी करने की तैयारी में है।
राष्ट्रीय स्तर पर NTA सुधारों की मांग तेज हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले FYJC, NEET मामलों में हस्तक्षेप किया। गहलोत ने कहा, “किसी पार्टी की सरकार हो, पेपर लीक बड़ी घटना। बीमारी हमेशा के लिए समाप्त हो।”

