जयपुर नगर निगम चुनाव: आज थमेगा प्रचार का शोर, आखिरी दिन प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत

News Desk

Jaipur News: जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। मतदान से पहले सोमवार को प्रचार का आखिरी दिन है और इसके साथ ही प्रत्याशियों के पास मतदाताओं तक पहुंचने के लिए कुछ ही घंटे बाकी रह गए हैं। भाजपा, कांग्रेस समेत विभिन्न दलों के उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी घर-घर संपर्क, छोटी सभाओं और व्यक्तिगत जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।

अंतिम दिन प्रत्याशियों का पूरा जोर उन मतदाताओं तक पहुंचने पर है, जिनसे अब तक सीधा संपर्क नहीं हो पाया है। वार्डों की गलियों और कॉलोनियों में उम्मीदवार लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। कई प्रत्याशी स्थानीय लोगों से उनकी समस्याएं जानने के साथ-साथ अपने चुनावी वादों और प्राथमिकताओं को भी सामने रख रहे हैं। बड़ी जनसभाओं के बजाय अंतिम चरण में व्यक्तिगत संपर्क और छोटे समूहों के बीच संवाद पर ज्यादा जोर दिखाई दे रहा है।

चुनाव प्रचार के दौरान कुछ प्रत्याशी मतदाताओं की समस्याओं को दर्ज करने के लिए शिकायत रजिस्टर लेकर भी इलाके में पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों से सड़क, पानी, सफाई, सीवरेज और दूसरी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें पूछी जा रही हैं। प्रत्याशियों की कोशिश है कि मतदान से पहले ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुंच बनाई जा सके।

जयपुर के अलग-अलग वार्डों में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण जैसे स्थानीय मुद्दे चुनाव प्रचार के केंद्र में हैं। वार्ड स्तर के चुनाव में इन समस्याओं का सीधा असर मतदाताओं के फैसले पर पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उन्हें दूर करने का भरोसा दे रहे हैं।

जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कई वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में 953 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है और निर्दलीय प्रत्याशी भी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं।

कुछ वार्डों में प्रत्याशियों की संख्या काफी अधिक होने के कारण चुनावी मुकाबला रोचक बना हुआ है, जबकि कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर है। ऐसे में प्रचार के आखिरी दिन व्यक्तिगत जनसंपर्क और मतदाताओं को साधने की रणनीति उम्मीदवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

जयपुर में सोमवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी सार्वजनिक रूप से प्रचार, जनसभा या अन्य चुनावी अभियान नहीं चला सकेंगे। प्रचार समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का ध्यान बूथ स्तर की रणनीति, मतदान एजेंटों की व्यवस्था और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की तैयारियों पर रहेगा।

राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 9 सितंबर को मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। जयपुर नगर निगम दूसरे चरण में शामिल है। सभी शहरी निकाय चुनावों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।

अब सोमवार शाम प्रचार का शोर थमने के बाद प्रत्याशियों के पास मतदाताओं से सीधे संपर्क का मौका खत्म हो जाएगा। इसके बाद 11 सितंबर को जयपुर के 150 वार्डों के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। अब देखना होगा कि अंतिम दिन का प्रचार, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों का व्यक्तिगत जनसंपर्क किसके पक्ष में माहौल बनाने में सफल रहता है और 14 सितंबर को आने वाले नतीजों में इसका कितना असर दिखाई देता है।

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