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डोटासरा का हमला: भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप, केरल में कांग्रेस की जीत को ऐतिहासिक बताया

प्रदेश कांग्रेस महासचिव और मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी ने जानकरी दी –Contentsकेरल में कांग्रेस की ऐतिहासिक वापसीपश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हमलाराजस्थान में भाजपा सरकार की विफलताएंआने वाले चुनावों में कांग्रेस की तैयारी जयपुर। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस […]

प्रदेश कांग्रेस महासचिव और मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी ने जानकरी दी

जयपुर। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने केरल में कांग्रेस गठबंधन की भारी बहुमत से बनी सरकार को ऐतिहासिक बताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की। डोटासरा ने कहा कि भाजपा केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष को कुचलने की साजिश रच रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एकजुटता ने केरल में कमाल कर दिखाया।

केरल में कांग्रेस की ऐतिहासिक वापसी

डोटासरा ने बताया कि हाल ही समाप्त पांच राज्यों के चुनावों में केरल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और महासचिव प्रियंका गांधी के अथक प्रयासों से दस वर्ष बाद कांग्रेस गठबंधन भारी बहुमत से सत्ता में लौटी। सभी कांग्रेसजनों में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा धनबल-बाहुबल से पार्टियां तोड़ रही है, ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्ष को डराने के लिए कर रही है और चुनाव आयोग निष्पक्षता भूलकर भाजपा के इशारे पर नाच रहा है, तब कांग्रेस के मजबूत कार्यकर्ताओं ने केरल में पूरी ताकत झोंक दी। परिणामस्वरूप कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में आ गई। यह जीत भाजपा की साजिशों पर करारा प्रहार है।

पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हमला

डोटासरा ने पश्चिम बंगाल चुनावों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय बाद वहां सभी सीटों पर चुनाव लड़ा और देश ने देखा कि लोकतंत्र की कैसे हत्या की गई। भाजपा ने सत्ता का भरपूर दुरुपयोग किया। एसआईआर के माध्यम से महासाजिश रची गई। एक करोड़ 36 लाख लोगों को नोटिस थमाए गए, 30 लाख को न्यायिक निर्णय की श्रेणी में डाला गया। चुनाव समाप्त होने तक कोई फैसला नहीं हुआ। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की कि इन लोगों को इस बार वोट न दें तो अगली बार दे देंगे। यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। डोटासरा ने सवाल उठाया कि निर्णयाधीन श्रेणी क्या होती है? अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में जीत-हार का अंतर इनकी संख्या से कम हो, तो क्या होगा? क्या चुनाव दोबारा होंगे?

उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान 438 अधिकारियों को हटा दिया गया। क्या वे सभी टीएमसी के इशारे पर काम कर रहे थे? भाजपा शासित राज्यों में ऐसा होता है? चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी जैसे उच्च अधिकारियों को हटाया गया। काउंटिंग से दो दिन पहले डीजीपी के घर ईडी की रेड पड़ी। टीएमसी के चुनाव प्रबंधन वाली आईपैक कंपनी पर छापा मारा गया, कर्मचारियों को जेल भेजा गया, डेटा जब्त कर लिया गया। यह पहली बार हुआ। केंद्र सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर मजबूत उम्मीदवारों, उनके कार्यकर्ताओं, बूथ प्रबंधन की जानकारी जुटा ली। भाजपा ने धनबल का इस्तेमाल किया, एसआईआर से फायदा उठाया, भारी सशस्त्र बल तैनात किए। अन्य राज्यों में ऐसा कभी नहीं हुआ। सब जानते हैं कि भाजपा ने वोट चोरी की और अलोकतांत्रिक तरीके से सत्ता लूटी। कांग्रेस बंगाल में लड़ी, लेकिन जो हुआ वह देश के लिए खतरा है।

राजस्थान में भाजपा सरकार की विफलताएं

डोटासरा ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल की जीत का जश्न मना रहे हैं, झालमुड़ी खा रहे हैं, लेकिन उनका क्या योगदान? भाजपा वाले केवल दिखावा करते हैं। असम में मुख्यमंत्री गुंडई की भाषा बोल रहे थे। लोगों को डराया-धमकाया गया, नियम तोड़े गए। अगर यूं चला तो लोकतंत्र और वोट का अधिकार इतिहास बन जाएगा। प्रधानमंत्री कहते हैं हम ही जीतेंगे, ऐसी भाषा उचित नहीं। राजस्थान में पंचायत-नगर निकाय चुनाव संविधान का उल्लंघन कर टाले जा रहे हैं।

प्रदेश में जनता त्राहिमाम कर रही है। पीने का पानी नहीं, आरजीएचएस से इलाज रुका हुआ, बेरोजगारों को नौकरी नहीं। अपराध बेलगाम। टोंक में बजरी माफिया ने पुलिस सिपाही की हत्या की। महिलाओं पर अत्याचार बढ़े। सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी। पेपर लीक के नाम पर ढोल पीट रहे हैं, जो छह माह में पकड़ना था। अपराधी जमानत पर बाहर। एसआई भर्ती सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की, लेकिन ओवरएज अभ्यर्थियों का क्या? जो नौकरी छोड़कर आए थे, उनके लिए कोई कदम नहीं। सरकार दिल्ली चक्कर लगा रही, जनता की तकलीफें अनदेखी। भाजपा को लगता है बंगाल जैसी तानाशाही राजस्थान में चलेगी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान बचाएंगे। वोट का अधिकार छिनने नहीं देंगे। एसआईआर की साजिश नाकाम करेंगे। आने वाले चुनावों में भी भाजपा को सबक सिखाएंगे।

आने वाले चुनावों में कांग्रेस की तैयारी

डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि भाजपा राजस्थान में एजेंसियों, चुनाव आयोग की मदद से सत्ता लूटना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। कांग्रेस जान देगी, लेकिन लोकतंत्र बचेगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और केरल जीत का स्वागत किया। डोटासरा ने कहा कि पांच राज्यों के नतीजे भाजपा के लिए सबक हैं। केंद्र का अहंकार टूटेगा। राजस्थान में जनता कांग्रेस को सत्ता सौंपेगी।

यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी। विशेषज्ञों का मानना है कि डोटासरा का यह आक्रामक रुख विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को मजबूत करेगा। केरल की जीत से पार्टी में उत्साह है। डोटासरा ने अंत में कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज बनेगी। भाजपा की साजिशें विफल होंगी। राजस्थान की जनता सच्चाई समझेगी।

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