बाड़मेर। वीरता, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 860वीं जयंती के उपलक्ष्य में 7 जून को श्री मल्लीनाथ राजपूत छात्रावास, बाड़मेर में आयोजित होने जा रहे भव्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। स्थानीय विधायक एवं शिव (Shiv) पार्टी के प्रतिनिधि रविंद्र सिंह भाटी ने क्षेत्रवासियों और समस्त समाजों के लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया है।
विधायक भाटी ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास के उन महान योद्धाओं में से एक थे जिनके अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के अमिट आदर्श स्थापित किए। उनका जीवन किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत रहा है। भाटी ने कहा कि ऐसे महापुरुषों के जीवन मूल्यों और आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है ताकि राष्ट्रभक्ति, एकता और समाजसेवा की भावना को बढ़ावा मिले।
समारोह की रूपरेखा और कार्यक्रम
सभी तैयारियों का जायजा लेते हुए आयोजकों ने बताया कि 7 जून के भव्य आयोजन में सांस्कृतिक गायन, लोक नृत्य, ऐतिहासिक वक्तव्यों के साथ-साथ सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन और युद्धकौशल पर विशेष गोष्ठी रखी जाएगी। छात्रावास के प्रांगण में सुबह उपस्थिति कार्यक्रम, दोपहर में स्मरणीय व्याख्यान और संध्या में श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि की परंपरा निभाई जाएगी। इसके अतिरिक्त स्थानीय इतिहासकारों और पदाधिकारियों द्वारा पृथ्वीराज चौहान के संघर्षों और उनके सैन्य कौशल पर विस्तृत चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें महाभारत और राजपूत वीरगाथाओं के सन्दर्भों के साथ समकालीन पाठ भी जोड़े जाएंगे।
भाटी ने कहा कि इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनप्रतिनिधि संगठनों के साथ बड़ी संख्या में समाजबंधु और आमजन शामिल होंगे। उन्होंने सभी समुदायों से विशेष आग्रह किया कि वे इस अवसर पर बढ़-चढ़कर भाग लें और कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सार्थक बनाएं। उनका कहना था कि समारोह न केवल एक श्रद्धांजलि सभा है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम भी है।
युवा और शिक्षा पर जोर
विधायक ने खासकर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी जयंतीयां न सिर्फ इतिहास स्मरण कराने का काम करती हैं, बल्कि युवा मन में राष्ट्रनिर्माण और समाजसेवा की भावना को भी मजबूत करती हैं। छात्रावास में होने वाले कार्यक्रम का एक उद्देश्य यही रखा गया है कि विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों को इतिहास के जीवंत पाठों से जोड़ा जाए। स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर उन्हें पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर नाट्य एवं वाद-विवाद प्रस्तुत करने का आमंत्रण दिया गया है, जिससे उनकी भागीदारी बढ़े और इतिहास के प्रति उनका रुझान प्रबल हो।
सामाजिक समरसता का संदेश
समारोह की सामाजिक महत्ता पर बोलते हुए भाटी ने कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना बढ़ाने में सहायक होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का संदेश आज के बहु-सांस्कृतिक समाज के लिए भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न समुदायों के लोग एक मंच पर आकर राष्ट्रहित और आपसी भाईचारे का संदेश देंगे। इसके लिए आयोजकों ने सभी समुदायों से तालमेल कर कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा प्रबंध
आयोजन की भव्यता और भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधों को अंतिम रूप दिया है। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस सुरक्षा, रैपिड फर्स्ट एड टीम, और पार्किंग व्यवस्था हेतु अलग प्रबंध किए गए हैं। साथ ही, कोविड-19 संबंधित सावधानियों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। आयोजनकर्ता कहते हैं कि सर्वाधिक सतर्कता के साथ कार्यक्रम संचालित किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
आर्थिक व सामाजिक प्रभाव
स्थानीय व्यापारियों और क़ारीगरों ने भी इस आयोजन का स्वागत किया है। आयोजनों के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन स्टॉल और सांस्कृतिक प्रदर्शन मेला क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को अल्पकालिक रूप से सशक्त कर सकता है। साथ ही लोक संस्कृतियों का संरक्षण और युवा कलाकारों को मंच मिलने से सांस्कृतिक जीवन में नई ऊर्जा आएगी।
समाप्ति में उम्मीदें और अपील
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आशा व्यक्त की कि बाड़मेर की यह धरती 7 जून के समारोह के द्वारा एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन का गवाह बनेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम क्षेत्र के इतिहास में दर्ज होगा और युवाओं को राष्ट्रनिर्माण तथा समाजसेवा के पथ पर अग्रसर करने में मदद करेगा। उन्होंने अंतिम रूप से सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें तथा कार्यक्रम की सफलता में योगदान दें।