Jaipur : राजस्थान निकाय चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जयपुर समेत पूरे प्रदेश की नजरें 14 सितंबर को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिक गई हैं। जयपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मतगणना से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए हुई वोटिंग के बाद अब उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतगणना के जरिए होगा। प्रशासन के मुताबिक मतगणना श्री भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में कराई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने शनिवार को काउंटिंग सेंटर का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और मतगणना में तैनात मतदान कार्मिकों को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए।
जयपुर निकाय चुनाव की मतगणना वार्डवार और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) वार तरीके से कराई जाएगी। प्रशासन की योजना के अनुसार एक समय में 15-15 वार्डों के परिणाम सामने आएंगे। यानी सभी 150 वार्डों के नतीजे एक साथ घोषित नहीं होंगे, बल्कि संबंधित वार्डों की मतगणना पूरी होने के साथ चरणबद्ध तरीके से परिणाम जारी किए जाएंगे।
कम बूथ वाले वार्डों में मतगणना अपेक्षाकृत जल्दी पूरी होने की संभावना है, जबकि जिन वार्डों में मतदान केंद्र और बूथों की संख्या अधिक रही है, वहां परिणाम आने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। ऐसे में शुरुआती रुझानों से तस्वीर साफ होना शुरू होगी और इसके बाद धीरे-धीरे सभी वार्डों के नतीजे सामने आते जाएंगे।
मतगणना में तैनात मतदान कार्मिकों को सुबह 7 बजे तक काउंटिंग सेंटर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने मतगणना केंद्र में प्रवेश को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की है। अधिकृत प्रवेश पत्र के बिना किसी भी व्यक्ति को मतगणना परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उम्मीदवारों की ओर से नियुक्त काउंटिंग एजेंट भी वैध पास के बिना केंद्र के अंदर नहीं जा सकेंगे।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था के साथ-साथ काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया को लेकर भी प्रशासन ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने अधिकारियों और मतगणना कार्मिकों से कहा है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और चुनाव परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी की जाए।
11 सितंबर को जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए मतदान हुआ था। चुनावी मैदान में बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के अलावा निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी भी उतरे थे। मतदान पूरा होने के बाद अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद है और 14 सितंबर की सुबह मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों के साथ चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगेगी।
जयपुर के निकाय चुनाव को बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि 150 वार्डों में किस पार्टी को बढ़त मिलती है और किसके पास नगर निगम में सत्ता की चाबी पहुंचती है। शुरुआती वार्डों के नतीजे सामने आने के साथ ही बहुमत का गणित भी बनना शुरू हो जाएगा। खास तौर पर उन वार्डों के परिणामों पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी, जहां मुकाबला करीबी माना जा रहा है।
मतगणना के दौरान जैसे-जैसे 15-15 वार्डों के परिणाम घोषित होंगे, जयपुर नगर निगम में संभावित बहुमत की तस्वीर भी स्पष्ट होती जाएगी। इसके बाद मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। ऐसे में 14 सितंबर की मतगणना सिर्फ उम्मीदवारों के लिए ही नहीं, बल्कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद अहम दिन रहने वाली है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जयपुर के 150 वार्डों में जनता का फैसला किसके पक्ष में जाता है। किस पार्टी को ज्यादा वार्ड मिलते हैं, कौन से उम्मीदवार जीत दर्ज करते हैं और नगर निगम की सत्ता का समीकरण किस तरफ जाता है, इसका जवाब 14 सितंबर को मतगणना शुरू होने के साथ मिलना शुरू हो जाएगा।