अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को विशेषाधिकार समिति का नोटिस, 28 अगस्त तक देना होगा जवाब

News Desk

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लोकसभा में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को विशेषाधिकार समिति ने नोटिस जारी किया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिस में राहुल गांधी से 28 अगस्त तक अपना जवाब देने को कहा गया है। मामला 29 जुलाई को सार्वजनिक परीक्षा से जुड़े संशोधन विधेयक पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों से जुड़ा है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने सदन में छात्रों और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन्हें सत्ता पक्ष ने आपत्तिजनक और असंसदीय बताया। बीजेपी सांसदों का आरोप है कि राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गंभीर बातें कहीं और उनके लिए इस्तेमाल की गई भाषा से सदन की मर्यादा प्रभावित हुई।

राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बीजेपी सांसद संजय जायसवाल और अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी। संजय जायसवाल ने 29 जुलाई को पत्र लिखकर कहा था कि राहुल गांधी ने बहस के दौरान अमित शाह के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और नियमों के तहत जरूरी पूर्व सूचना दिए बिना गंभीर आरोप लगाए। इसके अगले दिन 30 जुलाई को अनुराग ठाकुर ने भी विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई।

अनुराग ठाकुर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के साथ ऐसे आरोप लगाए, जिनके लिए संसद के नियम 353 के तहत पहले से सूचना देना जरूरी था। बीजेपी सांसदों ने मांग की थी कि मामले में नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए और राहुल गांधी की टिप्पणियों की जांच हो।

विवाद के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। इसी दौरान उनके भाषण में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

अब विशेषाधिकार समिति के नोटिस के बाद राहुल गांधी को पहली बार इस मामले में औपचारिक रूप से अपना पक्ष रखने का मौका मिला है। उन्हें 28 अगस्त तक जवाब देना होगा। इसके बाद उनका जवाब बीजेपी सांसदों की शिकायतों के साथ समिति के सामने रखा जाएगा और समिति आरोपों, उपलब्ध रिकॉर्ड और राहुल गांधी के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है।

इस मामले ने संसद के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को भी बढ़ा दिया है। बीजेपी जहां इसे संसदीय मर्यादा और सदन की गरिमा से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष पहले भी सरकार पर छात्रों और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाता रहा है।

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