जयपुर मेयर और जिला प्रमुख का पद अनारक्षित, संभाग के 91 निकायों का आरक्षण तय; SC के 13, ST के 6 और OBC के 19 निकाय आरक्षित

News Desk

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण की तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। जयपुर संभाग में गुरुवार को नगर निकायों के अध्यक्ष और प्रमुख पदों के लिए लॉटरी निकाली गई। कुल 91 निकायों के आरक्षण में SC, ST और OBC वर्ग के साथ महिलाओं के लिए भी सीटें तय की गई हैं। सबसे अहम बात यह रही कि जयपुर नगर निगम के मेयर और जिला प्रमुख का पद अनारक्षित रखा गया है। इसके बाद इन दोनों पदों के लिए दावेदारी करने वाले नेताओं की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की संभावना है।

जयपुर संभाग के 91 निकायों में 13 निकाय SC, 6 ST, 19 OBC और 53 सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें SC वर्ग की 4, ST की 2, OBC की 6 और सामान्य वर्ग की 18 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। आरक्षण तय होने के साथ ही अलग-अलग निकायों में संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर भी बदलने लगी है और राजनीतिक दल अब इसी हिसाब से अपनी चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।

जयपुर जिले से जुड़े निकायों में भी आरक्षण को लेकर काफी दिलचस्प बदलाव हुए हैं। सामान्य वर्ग के महिला आरक्षण में बगरू, जोबनेर, किशनगढ़ रेनवाल, खेजरोली, पावटा और गोविंदगढ़ जैसे निकाय शामिल हैं। यानी इन जगहों पर अध्यक्ष पद के लिए महिला उम्मीदवारों को मौका मिलेगा। वहीं, जयपुर नगर निगम के मेयर पद का सामान्य वर्ग के लिए खुला रहना शहर की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

SC वर्ग के लिए संभाग में 13 निकाय आरक्षित किए गए हैं। इनमें कठूमर, जमवारामगढ़, दुहना, बस्सी, रामगढ़, मानण्न, भांडारेज, मनोहरपुर, कानोता, सिकराय, बड़ौदामेव, बुहाना और धोग शामिल हैं। इनमें बस्सी, बड़ौदामेव, कठूमर और भांडारेज SC महिला के लिए आरक्षित रहेंगे।

इसी तरह ST वर्ग के लिए 6 निकाय आरक्षित किए गए हैं। इनमें मंडावर, मालाखेड़ा, लवाण, वाटिका, रामगढ़ पचवारा और मंडावरी शामिल हैं। इनमें वाटिका और लवाण ST महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।

OBC वर्ग में संभाग के 19 निकाय शामिल हैं। इनमें अजीतगढ़, विराटनगर, विद्याविहार, मनसीसर, नीमराणा, बहादुरपुर, बांदीकुई, नौगांव, भिवाड़ी, श्रीमाधोपुर, खेतड़ी, राजगढ़, चिड़ावा, दौसा, खाटूश्यामजी, पलसाना, दातारामगढ़, मुंडावर और डूंडलोद शामिल हैं। इनमें बांदीकुई, नीमराणा, नौगांव, दौसा, खेतड़ी और खाटूश्यामजी OBC महिला के लिए आरक्षित रहेंगे।

वहीं सबसे ज्यादा 53 निकाय सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित रखे गए हैं। इनमें से 18 निकाय सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं। इन निकायों में अलवर नगर निगम, नारायणपुर, सिंघाना, कोटकासिम, सीकर, सुल्ताना, बगरू, नवलगढ़, बिसाऊ, थानागाजी, जोबनेर, किशनगढ़ रेनवाल, मंड्रेला, बड़ौद, लक्ष्मणगढ़, खेजरोली, पावटा और गोविंदगढ़ शामिल हैं।

जयपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद शहर की राजनीति में हलचल बढ़ना तय माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस पद के आरक्षण को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। अब आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद सामान्य वर्ग के नेताओं और संभावित पार्षद उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ सकती है। राजनीतिक दलों के भीतर टिकट को लेकर भी दावेदारी तेज होने की संभावना है।

जिला प्रमुख का पद भी अनारक्षित रहने से जयपुर जिले में स्थानीय राजनीति का समीकरण और दिलचस्प हो गया है। अब अलग-अलग दलों के नेता अपने समर्थन और संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुटेंगे। आरक्षण की लॉटरी के बाद साफ है कि आने वाले निकाय चुनाव में जातीय समीकरण, महिला आरक्षण और स्थानीय नेतृत्व की दावेदारी तीनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

फिलहाल जयपुर संभाग के 91 निकायों का आरक्षण तय होने के साथ चुनावी तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। अब राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन और संगठन स्तर पर रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। जयपुर मेयर और जिला प्रमुख का पद अनारक्षित होने से इन दोनों पदों पर मुकाबला खासा दिलचस्प होने की उम्मीद है।

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