जसवंत गुर्जर का बयान: जनता और सरकार के लिए अलग अलग नियम, कथनी और करनी में फर्क।

News Desk

जयपुर। प्रदेश कांग्रेस के वॉर रूम चेयरपर्सन जसवंत गुर्जर ने भाजपा की केंद्र और राजस्थान सरकार पर तंज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म X पर लिखा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनता से आह्वान कर रहे हैं कि वर्क फ्रॉम होम अपनाएं, अनावश्यक रूप से घर से बाहर वाहन लेकर न निकलें और संसाधनों की बचत करें, तो दूसरी ओर राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की इसी पर्ची सरकार के नारे वाली सरकार अपने प्रचार और महिमामंडन के लिए हजारों वाहनों से गांव–गांव का दौरा कर रही है।

जसवंत गुर्जर ने उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजस्थान में आई यह सत्ता, जो प्रचार और पर्चा वाले चुनाव ब्लूप्रिंट पर चलती है, मोदी के “वर्क फ्रॉम होम” और संसाधन बचाने के आह्वान को अस्वीकार कर रही है, उन्होंने कहा कि लाखों राजस्थानियों के लिए हर बार बचत और त्याग की बात, लेकिन सरकार के लिए बिना रोक‑टोक खर्च और वाहनों की जमकर रैली यह भेदभाव जनता की आंखों में साफ नजर आ रहा है। जसवंत गुर्जर का कहना है कि जिस तरह से राजस्थान में भाजपा सरकार अपने विकास रथ–प्रचार रथ, कार काफिले और मोबाइल इकाइयां गांव–गांव भेज रही है, उसमें ईंधन, समय और जनधन की बेहद बड़ी बर्बादी हो रही है। सरकार जनता से बिजली, पेट्रोल–डीजल और अन्य संसाधनों की बचत को लेकर लगातार संदेश दे रही है, जो आम आदमी के लिए उपदेश जैसा लगता है। यही वह चेहरा है जिससे जनता को गुमराह करने की कोशिश होती है, लेकिन राजस्थानी युवा और जन‑समुदाय अब इस खेल को अच्छी तरह पहचान रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने ट्वीट में यह भी संकेत दिया कि प्रदेश में भाजपा सरकार की इस पर्ची–प्रबंधन वाली छवि और मोदी के आह्वान के बीच गहरा विरोधाभास है, जो जनता के सामने एक बार फिर से सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में संसाधन बचाना चाहती है, तो पहले अपने अपने विज्ञापन–प्रचार खर्चे और लगातार चलते काफिलों पर रोक लगाए, न कि सिर्फ सामान्य नागरिकों पर नियमों का बोझ थोपे।

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