जयपुर। रक्षाबंधन से पहले राजस्थान सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी कई योजनाओं को लेकर बड़े ऐलान किए हैं। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में 89 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की। इसी दौरान उन्होंने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 फीसदी बढ़ोतरी का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों को रक्षाबंधन के मौके पर 1100-1100 रुपए की सहायता राशि सीधे उनके खातों में भेजी। इसके लिए सरकार ने कुल 14.65 करोड़ रुपए जारी किए। इसके अलावा आंगनबाड़ी कर्मियों की यूनिफॉर्म के लिए 13.41 करोड़ रुपए की राशि भी ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कल्याण और बाल विकास के क्षेत्र में इन महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके काम को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसी कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं और बालिकाओं के लिए चल रही योजनाओं के लाभार्थियों को भी आर्थिक सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 40,538 लाभार्थियों को 23.43 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 20,670 लाभार्थियों को 6.36 करोड़ रुपए और लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 50 हजार लाभार्थियों को 14.75 करोड़ रुपए सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
महिलाओं के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मिलने वाली सहायता राशि भी बढ़ाई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले इस योजना के तहत 5 हजार रुपए दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 6,500 रुपए किया गया है। इसके अलावा दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को 10 हजार रुपए की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस बढ़ी हुई सहायता से गर्भवती महिलाओं को पोषण और जरूरी देखभाल के दौरान आर्थिक मदद मिल सकेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मा वाउचर योजना’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के जरिए दूर-दराज इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को मुफ्त सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। अब तक करीब 4.82 लाख महिलाएं इसका लाभ उठा चुकी हैं। सरकार का फोकस ऐसी स्वास्थ्य सेवाओं को उन इलाकों तक पहुंचाने पर है, जहां महिलाओं को जांच के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत दूसरे बच्चे के जन्म पर दी जा रही सहायता की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक करीब 6.48 लाख लाभार्थियों को लगभग 215 करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है। सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य मां और बच्चे को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में परिवार की मदद करना है।
कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा और प्रोत्साहन से जुड़ी योजनाओं को भी प्रमुखता से रखा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत सात किस्तों में कुल 1.50 लाख रुपए तक की सहायता देने का प्रावधान है। अब तक पहली किस्त से 9 लाख से अधिक, दूसरी किस्त से 7.73 लाख और तीसरी किस्त से करीब 95 हजार लड़कियों को लाभ मिल चुका है।
बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से साइकिल और स्कूटी वितरण की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक करीब 11 लाख मेधावी छात्राओं को साइकिल और 46 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जा चुकी है। इन योजनाओं का उद्देश्य छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने और उन्हें स्कूल-कॉलेज तक पहुंचने में मदद करना है।
रक्षाबंधन से पहले किए गए इन ऐलानों में सरकार ने एक तरफ आंगनबाड़ी और आशा सहयोगिनियों को राहत दी है, तो दूसरी ओर गर्भवती महिलाओं और बालिकाओं के लिए चल रही योजनाओं का दायरा और सहायता राशि बढ़ाने पर जोर दिया है।