जयपुर। जयपुर में बढ़ते यूडी टैक्स, कचरा उठाने के लिए लगाए गए यूजर चार्ज और शहर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने रविवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जयपुर शहर कांग्रेस की ओर से ‘जयपुर बचाओ मार्च’ निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। चांदपोल सर्किल से दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ यह पैदल मार्च बड़ी चौपड़ पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा हटाओ, जयपुर बचाओ’ के नारे लगाए और सरकार से अतिरिक्त शुल्क वापस लेने की मांग की।
मार्च में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, विधायक रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, पूर्व विधायक गंगा देवी और कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हाथों में कांग्रेस के झंडे और सरकार के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने शहर की सफाई, सड़क, जलभराव और दूसरी समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जयपुर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने के बजाय सरकार आम लोगों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। पार्टी का सबसे बड़ा विरोध यूडी टैक्स और कचरा यूजर चार्ज को लेकर है। नेताओं का कहना है कि लोगों से पहले ही अलग-अलग मदों में शुल्क लिया जा रहा है और अब कचरा उठाने के नाम पर अतिरिक्त पैसा वसूला जा रहा है।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान की राजधानी होने के बावजूद जयपुर के कई इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी रहती है। सड़कों की हालत और सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोग परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के विधानसभा क्षेत्रों में भी स्थानीय समस्याएं मौजूद हैं। खाचरियावास ने कहा कि जयपुर जिले के 19 विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, सफाई, जलभराव और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
कचरा यूजर चार्ज पर सवाल उठाते हुए खाचरियावास ने कहा कि लोगों से पहले ही पानी के बिल में नगर निगम से जुड़ी राशि ली जाती है और इसके अलावा यूडी टैक्स भी वसूला जा रहा है। ऐसे में कचरा उठाने के लिए अलग से हजारों रुपए का चार्ज लगाना लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। उन्होंने सरकार से ऐसे शुल्क वापस लेने और पहले शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की।
खाचरियावास ने इस प्रदर्शन को आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनाव से भी जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस इन चुनावों में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों में नाराजगी है और यही मुद्दे आने वाले चुनाव में भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बना सकते हैं।
मार्च के दौरान खाचरियावास ने जातीय राजनीति के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जातियों के बीच विवाद खड़ा करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए और विभिन्न वर्गों से जुड़े सवालों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
वहीं कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज ने वार्ड परिसीमन और आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया में सरकार के पास व्यापक अधिकार होने के बावजूद OBC वर्ग के साथ न्याय नहीं किया गया। भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और पार्टी के कार्यकर्ता अब स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच जाकर सरकार के फैसलों और नीतियों को लेकर सवाल उठाएंगे।
‘जयपुर बचाओ मार्च’ के जरिए कांग्रेस ने यह संकेत भी दिया है कि आगामी निकाय चुनाव में उसका फोकस सिर्फ बड़े राजनीतिक मुद्दों पर नहीं रहेगा, बल्कि शहर से जुड़े रोजमर्रा के सवालों को भी चुनावी बहस का केंद्र बनाया जाएगा।