Jaipur News : राजस्थान में निकाय चुनाव का प्रचार जैसे-जैसे अंतिम दौर में पहुंच रहा है, भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव भी तेज होता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भाजपा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने दावा किया कि निकाय चुनाव में भाजपा की हालत खराब है और पार्टी कई जगहों पर बुरी तरह हार रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के चुनावी रोड शो और भाजपा के प्रचार अभियान को लेकर भी सवाल उठाते हुए सरकार के कामकाज पर निशाना साधा।
अशोक गहलोत ने दावा किया कि चुनावी मैदान में भाजपा के खिलाफ जनता में नाराजगी दिखाई दे रही है, जबकि कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है। उनके मुताबिक, निकाय चुनाव में मतदाता भाजपा को उसके कामकाज का जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, गहलोत का यह आकलन फिलहाल एक राजनीतिक दावा है और चुनाव में किस दल को कितनी सफलता मिलेगी, इसका वास्तविक फैसला मतदान और मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
गहलोत ने भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सड़क, सीवरेज और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों में आम लोगों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और सरकार इनका समाधान करने में नाकाम रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में जनता के सामने ये मुद्दे हैं और मतदाता अपने रोजमर्रा के अनुभव के आधार पर फैसला करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो को लेकर भी गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार में उतर रहे हैं, लेकिन जनता के सामने स्थानीय स्तर की बुनियादी समस्याओं का जवाब कौन देगा। गहलोत ने सड़क और सीवरेज जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रचार से ज्यादा जरूरी जनता की समस्याओं का समाधान करना है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के चुनाव प्रचार में दूसरे राज्यों के नेताओं की सक्रियता पर भी सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि अगर भाजपा को अपने स्थानीय नेतृत्व और सरकार के काम पर भरोसा है तो उसे बाहर से नेताओं को प्रचार के लिए बुलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने इसे भाजपा की चुनावी स्थिति को लेकर कथित चिंता से जोड़ते हुए पार्टी पर राजनीतिक हमला किया।
गहलोत ने मतदाताओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के पास सरकार के कामकाज को परखने का पूरा मौका है। उन्होंने विश्वास जताया कि मतदाता अपने वोट के जरिए भाजपा को जवाब देंगे और कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन दिखाई देगा। उनके बयान को निकाय चुनाव के अंतिम दौर में कांग्रेस के चुनावी अभियान को धार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
गहलोत के हमले ऐसे समय सामने आए हैं जब भाजपा ने भी निकाय चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार कर रहे हैं। रोड शो और जनसभाओं के जरिए भाजपा अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटी है। वहीं, कांग्रेस भी अपने स्थानीय संगठन और वरिष्ठ नेताओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय और बागी उम्मीदवार भी कई जगह मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं। कई वार्डों में बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला सीधे दो दलों के बीच न रहकर बहुकोणीय हो गया है। भाजपा की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कुछ नेताओं पर संगठनात्मक कार्रवाई भी की गई है।
फिलहाल निकाय चुनाव के प्रचार में दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे के खिलाफ हमलावर हैं। भाजपा जहां अपनी सरकार के कामकाज और विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय समस्याओं और सरकार की कथित नाकामियों को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। अशोक गहलोत के भाजपा के बुरी तरह हारने के दावे के बीच अब असली फैसला मतदाता करेंगे। चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होगा कि जनता ने किसके दावों पर भरोसा किया और निकाय चुनाव में किस दल को बढ़त मिली।