जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को NEET PG 2026 परीक्षा के दौरान सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कंप्यूटर आधारित परीक्षा के दौरान सर्वर और बिजली से जुड़ी समस्या के कारण कई अभ्यर्थी तय समय पर परीक्षा नहीं दे सके। समस्या सामने आने के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई और सेंटर के बाहर विरोध की स्थिति बन गई।
परीक्षा सुबह निर्धारित समय पर शुरू होनी थी, लेकिन सीतापुरा स्थित सेंटर पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो गई। अधिकारियों के अनुसार, सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा था और कुछ कंप्यूटर चालू हो रहे थे, जबकि कुछ सिस्टम पर परीक्षा शुरू नहीं हो पा रही थी। इसके चलते अभ्यर्थियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और परीक्षा सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ सकी।
तकनीकी दिक्कत के बीच कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि उन्होंने परीक्षा के लिए लंबे समय से तैयारी की थी और समय पर सेंटर पहुंचने के बावजूद तकनीकी समस्या के कारण उनका महत्वपूर्ण समय प्रभावित हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों को स्थिति की जानकारी देने का प्रयास किया।
जानकारी के मुताबिक, जयपुर में NEET PG परीक्षा के लिए कई केंद्र बनाए गए थे और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। सीतापुरा के प्रभावित केंद्र पर हुई तकनीकी समस्या ने परीक्षा की तैयारियों और सेंटर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बिजली और सर्वर जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का सुचारु रहना बेहद जरूरी होता है, ऐसे में परीक्षा के दौरान आई गड़बड़ी ने अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने प्रभावित सीतापुरा सेंटर के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अब इस सेंटर पर NEET PG 2026 की परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे के बाद आयोजित की जाएगी। प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए आगे की विस्तृत जानकारी और अन्य जरूरी निर्देश बोर्ड की ओर से जारी किए जाएंगे।
इस फैसले के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। हालांकि, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए दूसरे शहरों और जिलों से आए छात्रों के सामने यात्रा, समय और दोबारा तैयारी जैसी अतिरिक्त चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। कई अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा मेडिकल पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
परीक्षा में तकनीकी व्यवधान को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि उन्हें शुरुआत में आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी। परीक्षा के दौरान सर्वर और बिजली से जुड़ी समस्या के बीच छात्र लगातार अधिकारियों से परीक्षा की स्थिति और आगे के निर्णय के बारे में जानकारी मांगते रहे।
NEET PG जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की तकनीकी समस्या ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं और तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, सर्वर कनेक्टिविटी और तकनीकी बैकअप पहले से सुनिश्चित करना जरूरी होता है।
फिलहाल प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि उनकी परीक्षा रद्द होने के बजाय दोबारा आयोजित की जा रही है। अब सभी की नजर 5 सितंबर को होने वाली री-एग्जाम प्रक्रिया और बोर्ड की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों पर रहेगी।