मोती डूंगरी गणेश मंदिर में ‘चट मेहंदी, पट ब्याह’ की धूम, वायरल रील्स के बाद मेहंदी प्रसाद लेने उमड़े श्रद्धालु

News Desk

Jaipur : गणेश चतुर्थी के मौके पर जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस बार भगवान गणेश के दर्शन के साथ एक खास प्रसाद को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिर की करीब 200 साल पुरानी मेहंदी प्रसाद की परंपरा इन दिनों सोशल मीडिया की रील्स और वायरल वीडियो के जरिए खूब चर्चा में है। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु, खासकर युवक-युवतियां, मेहंदी प्रसाद लेने के लिए मंदिर पहुंचे। जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो वायरल हुए, मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में भीड़ बढ़ती गई और इसके साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष मेहंदी प्रसाद बांटे जाने की परंपरा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह मेहंदी अविवाहित युवक-युवतियों के लिए शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इसे ग्रहण करने से विवाह संबंधी मनोकामना पूरी हो सकती है। इसी विश्वास से जुड़ी ‘चट मेहंदी, पट ब्याह’ वाली कहावत अब सोशल मीडिया पर भी खासा लोकप्रिय हो चुकी है। गणेश चतुर्थी के आसपास इस परंपरा से जुड़े वीडियो और रील्स तेजी से वायरल होने के बाद लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ी है।

पहले जहां इस परंपरा की जानकारी मुख्य रूप से स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर आने वाले भक्तों तक सीमित रहती थी, वहीं सोशल मीडिया ने इसे जयपुर से बाहर तक पहुंचा दिया है। वायरल वीडियो में मेहंदी प्रसाद और इससे जुड़ी धार्मिक मान्यता को जिस तरह पेश किया जा रहा है, उससे बड़ी संख्या में लोग इसे लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं। कई युवक-युवतियां इसे अपनी शादी की मनोकामना से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ वायरल हो रही इस परंपरा को देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं।

श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ का दबाव भी बढ़ा। दर्शन के साथ मेहंदी प्रसाद लेने वालों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई। धार्मिक आस्था से जुड़ी किसी पुरानी परंपरा का सोशल मीडिया के जरिए अचानक लोकप्रिय होना जहां मंदिर के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाता है, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर भीड़ को नियंत्रित करना और सभी को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराना चुनौती बन सकता है।

इस दौरान मंदिर में सोशल मीडिया कंटेंट बनाने का ट्रेंड भी देखने को मिला। कई श्रद्धालु दर्शन और मेहंदी प्रसाद से जुड़े फोटो-वीडियो बनाने के साथ रील्स तैयार करते नजर आए। वायरल कंटेंट का हिस्सा बनने की होड़ के बीच भीड़ में मोबाइल से वीडियो बनाने की गतिविधियां भी बढ़ीं। ऐसे में धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, दर्शन व्यवस्था और सोशल मीडिया कंटेंट के बीच संतुलन बनाए रखना मंदिर प्रशासन के लिए अहम हो जाता है।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी कई धार्मिक परंपराएं लंबे समय से चली आ रही हैं। मेहंदी प्रसाद की परंपरा भी इन्हीं में से एक है, लेकिन सोशल मीडिया के विस्तार ने इसे एक नए तरह की लोकप्रियता दे दी है। जो बात पहले स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय रहती थी, वह अब रील्स और शॉर्ट वीडियो के जरिए हजारों-लाखों लोगों तक पहुंच रही है।

यही सोशल मीडिया प्रभाव इस बार मंदिर में मेहंदी प्रसाद को लेकर नजर आई भीड़ में भी दिखाई दिया। धार्मिक मान्यता अपनी जगह है, लेकिन वायरल कंटेंट किसी परंपरा को कितनी तेजी से लोकप्रिय बना सकता है, मोती डूंगरी मंदिर का यह उदाहरण इसका एक दिलचस्प पहलू है। खासकर युवाओं के बीच किसी धार्मिक परंपरा का सोशल मीडिया ट्रेंड बन जाना अब धार्मिक स्थलों की भीड़ और व्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाला नया फैक्टर बनता जा रहा है।

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