BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर राहुल गांधी का तंज, बोले- ‘80% भारतीय मांसाहारी’; BJP ने कहा- ओछी राजनीति

News Desk

New Delhi : भारत में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के शाकाहारी मेन्यू को लेकर सियासी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डिनर के पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 80 फीसदी भारतीय मांसाहारी हैं और भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट होता है। राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी ने उन पर BRICS सम्मेलन की सफलता को लेकर ‘ओछी राजनीति’ करने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी ने 13 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि 80 फीसदी भारतीय मांसाहारी हैं और भारतीय मांसाहारी भोजन स्वादिष्ट होता है। इस पोस्ट के साथ उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी द्वारा बनाए गए छोले-भटूरे की तस्वीर भी साझा की। राहुल गांधी की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से BRICS नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अगले दिन सामने आई।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस रात्रिभोज में विदेशी मेहमानों को भारतीय शाकाहारी व्यंजनों की लंबी श्रृंखला परोसी गई थी। मेन्यू में खांडवी, खुंब गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, अलग-अलग सब्जियां, दाल, बाजरे का पुलाव, चुकंदर का रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय रोटियां शामिल थीं। मिठाई में जलेबी, शहतूत फिरनी और फ्रूट क्रीम परोसी गई। डिनर के दौरान भारतीय कला और संस्कृति पर आधारित विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें 100 से ज्यादा कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

राहुल गांधी की टिप्पणी सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी पर BRICS सम्मेलन की सफलता के बजाय डिनर के मेन्यू को मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। केसवन के मुताबिक, भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS सम्मेलन में देश ने वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को मजबूत किया और सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने की दिशा में काम किया। उनका कहना था कि ऐसे समय में विपक्ष की ओर से सम्मेलन की उपलब्धियों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय खाने के मेन्यू को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

सीआर केसवन ने राहुल गांधी पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने BRICS सम्मेलन की सफलता के बाद भारत और देशवासियों को बधाई तक नहीं दी। बीजेपी नेता ने इसे विपक्ष की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय हित को राजनीतिक लाभ से ऊपर रखा जाना चाहिए। हालांकि, यह बीजेपी प्रवक्ता का राजनीतिक आकलन और आरोप है। राहुल गांधी की ओर से की गई पोस्ट में BRICS सम्मेलन की समग्र सफलता को लेकर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं थी। उनका तत्काल मुद्दा डिनर के शाकाहारी मेन्यू और भारतीयों की खानपान संबंधी पसंद को लेकर था।

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी निशाना साधा। बीजेपी नेताओं का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज के मेन्यू को राजनीतिक बहस का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस की ओर से इसे भारत की विविध खानपान संस्कृति और अलग-अलग पसंद को लेकर उठाए गए सवाल के रूप में देखा जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने BRICS सम्मेलन के मुख्य कूटनीतिक एजेंडे से अलग खानपान, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक बयानबाजी को चर्चा में ला दिया है। एक ओर भारत की ओर से विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भारतीय व्यंजनों पर आधारित शाकाहारी मेन्यू तैयार किया गया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ओर से भारतीय समाज की खानपान संबंधी विविधता का मुद्दा उठाया गया।

Share This Article