राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने निम्स (NIMS) अस्पताल पहुंचकर भिवाड़ी पुलिस की मारपीट का शिकार नाबालिग दलित बालक लोकेश का हाल जाना। जूली ने कहा कि भिवाड़ी पुलिस की बर्बरता से गंभीर रूप से घायल लोकेश की हालत देखकर मन व्यथित और आक्रोशित हो गया। उन्होंने बताया कि पुलिस वालों ने बच्चे की दोनों टांगों पर इतनी ज़ोरदार पिटाई की कि दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गए हैं।
जूली ने आरोप लगाया कि भिवाड़ी पुलिस ने नाबालिग लोकेश को पानी के ड्रम में उतारकर अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसके फेफड़ों में पानी चला गया और आज वह जयपुर के निम्स अस्पताल की आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उन्होंने इस घटना को “संवेदनशील समाज के लिए कलंक” बताया और पुलिसिया अत्याचार की निंदा की।
जूली ने कहा कि यह घटना केवल पुलिस की कार्यशैली पर ही नहीं, बल्कि पूरी राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और मुख्यमंत्री की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि बिना एफआईआर के, नाबालिग बच्चे को पीटकर जांच करना कहां का न्याय है। कानून के रखवालों द्वारा ही अत्याचार किए जाने पर आम आदमी को न्याय की उम्मीद किससे की जा सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जयपुर में हैं, उनसे उनकी अपील है कि वे मुख्यमंत्री से सलूम्बर में आदिवासी बच्चों की मौत, बांसवाड़ा की घटनाएं, भिवाड़ी में मजदूरों पर लाठीचार्ज और भिवाड़ी पुलिस अत्याचार जैसे मामलों के लिए जिम्मेदारी पूछें। उन्होंने कहा कि अपराध के मामलों में राजस्थान को “अग्रणी बना रही” यह व्यवस्था आखिर किसकी जिम्मेदारी है।
जूली ने घायल नाबालिग की जान बचाने के लिए ईश्वर से कामना करते हुए सरकार से मांग की कि उसे सर्वोत्तम इलाज और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। नाबालिग से मिलने नेता प्रतिपक्ष के साथ कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान, खैरथल‑तिजारा जिलाध्यक्ष बलराम यादव, तिजारा विधानसभा प्रत्याशी इमरान खान, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष विनोद कुमारी, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पवन खटाणा, अशोक मेघवाल (एमपीएस), सरपंच रॉकी और सत्यदीप सहित कई नेता अस्पताल पहुंचे।
