• Home  
  •  काठा औद्योगिक क्षेत्र के नयना अपार्टमेंट कॉलोनी में फैक्ट्रियों का जहरीला धुआं बना जानलेवा
- World

 काठा औद्योगिक क्षेत्र के नयना अपार्टमेंट कॉलोनी में फैक्ट्रियों का जहरीला धुआं बना जानलेवा

बद्दी (हिमाचल प्रदेश ) काठा औद्योगिक क्षेत्र से सटे नयना अपार्टमेंट कॉलोनी के निवासियों ने फैक्ट्रियों द्वारा खुले में वेस्ट मैटेरियल जलाने से फैल रहे जहरीले प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी के ठीक पीछे स्थित फैक्ट्रियां प्रतिदिन अपना कचरा और केमिकल युक्त वेस्ट खुले में फेंक देती […]

बद्दी (हिमाचल प्रदेश ) काठा औद्योगिक क्षेत्र से सटे नयना अपार्टमेंट कॉलोनी के निवासियों ने फैक्ट्रियों द्वारा खुले में वेस्ट मैटेरियल जलाने से फैल रहे जहरीले प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी के ठीक पीछे स्थित फैक्ट्रियां प्रतिदिन अपना कचरा और केमिकल युक्त वेस्ट खुले में फेंक देती हैं, जिसे बाद में आग लगा देकर जला दिया जाता है। इससे निकलने वाला काला और जहरीला धुआं पूरे इलाके में घुल जाता है, जिससे सांस लेना दूभर हो गया है। सुबह-शाम के समय धुआं इतना घना हो जाता है कि लोग घरों के बाहर निकल ही नहीं पाते।

कॉलोनी में रहने वाले सैकड़ों परिवार इस प्रदूषण की चपेट में हैं। छोटे बच्चों को लगातार खांसी, अस्थमा के दौरे और सांस फूलने की शिकायत हो रही है। महिलाएं और बुजुर्ग तो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिन्हें रातों को नींद नहीं आती। एक निवासी ने बताया, “हमारे बच्चे स्कूल जाते ही बीमार पड़ जाते हैं। अस्पतालों में दवाओं का खर्चा बढ़ता जा रहा है।” एक अन्य महिला ने कहा, “धुएं से आंखें जलती हैं, गला बैठ जाता है। लंबे समय से यह समस्या चली आ रही है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।” डॉक्टरों के अनुसार, यह धुआं फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है।

निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, एसडीएम, तहसीलदार, नगर परिषद और फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ आक्रोश है। एक युवा निवासी बोले, “शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। फैक्ट्रियां मुनाफे के लिए पर्यावरण को बर्बाद कर रही हैं।” लोगों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल कदम नहीं उठे तो वे आंदोलन करेंगे।

प्रशासन से निवासियों ने मांग की है कि खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर जुर्माना लगे, उनका संचालन रोका जाए और वैकल्पिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए। साथ ही, नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था हो। सतीश जैन सहित स्थानीय नेताओं ने भी मामले को विधानसभा में उठाने का वादा किया है। यदि समय रहते कार्रवाई हुई तो काठा क्षेत्र के हजारों लोग स्वच्छ हवा ले सकेंगे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *