राजस्थान के धौलपुर जिले में ग्रामीण शासन को आधुनिक, प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। पिरामल फाउंडेशन ने ‘सचिव जी’ नामक एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म को औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से सरपंचों, पंचायत सचिवों और शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जो उन्हें प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने, सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने और जनसेवा को और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता प्रदान करेगा। इस पहल से ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, गति और सटीकता में अभूतपूर्व वृद्धि होने की उम्मीद है।
धौलपुर जिले के एक प्रमुख आयोजन स्थल पर आयोजित भव्य लॉन्च कार्यक्रम में जिले भर से 50 से अधिक सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए.एन. सोमनाथ ने किया। अपने संबोधन में सोमनाथ ने कहा कि आज के डिजिटल युग में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत तकनीक का उपयोग अनिवार्य हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘सचिव जी’ जैसे प्लेटफॉर्म पंचायत स्तर पर त्वरित और सटीक निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करेंगे, जिससे ग्रामीण विकास तेज गति पकड़ेगा।
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा सरपंचों द्वारा दिया गया लाइव डेमो था। इस दौरान प्रतिभागियों ने खुद ‘सचिव जी’ प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सरकारी योजनाओं जैसे मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि की नवीनतम जानकारी प्राप्त की। प्लेटफॉर्म ने पंचायत विकास योजनाओं को तैयार करने, प्रशासनिक जटिल सवालों के तुरंत जवाब देने और नागरिकों से प्रभावी संवाद स्थापित करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया। एक सरपंच ने बताया कि पहले योजनाओं की जानकारी लेने में कई दिनों लग जाते थे, लेकिन अब मोबाइल पर ही सब कुछ उपलब्ध हो जाता है।
पिरामल फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने बताया कि ‘सचिव जी’ को एक डिजिटल गवर्नेंस सहायक के रूप में डिजाइन किया गया है। यह 24×7 उपलब्ध रहेगा और हिंदी सहित क्षेत्रीय भाषाओं में काम करेगा। प्लेटफॉर्म में AI चैटबॉट, डेटा एनालिटिक्स, योजना ट्रैकिंग और रिपोर्ट जनरेशन जैसे फीचर्स शामिल हैं। इससे सरपंच अपनी पंचायत की प्रगति को रीयल-टाइम मॉनिटर कर सकेंगे और उच्च अधिकारियों को सटीक रिपोर्ट सौंप सकेंगे।
कार्यक्रम में सिद्धार्थ राठौर (असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग), ऋषि अरोड़ा और आदित्य विक्रम जैन ने भी अपने विचार रखे। राठौर ने कहा कि पंचायतें संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ‘सचिव जी’ इस दिशा में पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता निर्माण का मजबूत माध्यम बनेगा। जैन ने जोर दिया कि तकनीक ग्रामीण भारत को सशक्त बनाएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगी।
यह पहल राजस्थान में ग्रामीण प्रशासनिक सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाए तो पंचायती राज व्यवस्था में डिजिटल क्रांति आ जाएगी। कार्यक्रम के अंत में सभी सरपंचों को प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण दिया गया और मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया गया। धौलपुर जिला प्रशासन ने इसे अन्य जिलों के लिए मॉडल बनाने का संकल्प लिया है। इस नवाचार से ग्रामीण भारत का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।
