Bharatpur : राजस्थान के भरतपुर में ACB ने 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते पंचायत समिति भुसावर के सहायक अभियंता (AEN) गोविंद प्रसाद को गिरफ्तार किया है। रिश्वत के मामले में ट्रैप के बाद जब ACB ने उनके आवास की तलाशी ली तो वहां से 43 लाख 38 हजार 500 रुपए नकद और करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां मिलीं। इसके अलावा जयपुर और हिंडौन की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
ACB के अनुसार, गोविंद प्रसाद ने एक संवेदक की माप पुस्तिका और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र का सत्यापन कर हस्ताक्षर करने के बदले 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ACB भरतपुर की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई और परिवादी को तय रकम के साथ अधिकारी के पास भेजा।
पंचायत समिति कार्यालय में जैसे ही गोविंद प्रसाद ने 30 हजार रुपए लिए, ACB टीम ने उन्हें पकड़ लिया। उनके पास से रिश्वत की रकम बरामद की गई। हाथों को रासायनिक घोल से धुलवाने पर टेस्ट पॉजिटिव आने की बात भी कार्रवाई के दौरान सामने आई।
इसके बाद ACB ने अधिकारी के आवास की तलाशी ली तो नकदी देखकर जांच का दायरा बढ़ गया। घर से 43,38,500 रुपए कैश बरामद हुआ। इसके साथ करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां भी मिलीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती धातु मिलने के बाद ACB अब इनके स्रोत की जांच कर रही है।
तलाशी के दौरान हिंडौन में दो दुकानों और जयपुर के मानसरोवर स्थित हाउसिंग बोर्ड के मकान समेत अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों का स्वामित्व किसके नाम है और इन्हें खरीदने के लिए रकम कहां से आई।
ACB ने गोविंद प्रसाद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद अब बरामद नकदी, चांदी और संपत्तियों को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।