जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक की। बैठक में गुरुवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता पक्ष की रणनीति, सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के सवालों का जवाब देने को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विधायकों से सदन में पूरी सक्रियता के साथ भाग लेने और सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों को मजबूती से रखने को कहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाओं और विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार का ढाई साल का कार्यकाल कांग्रेस सरकार के पांच साल की तुलना में बेहतर रहा है। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे सरकार के विजन और उपलब्धियों को सदन में प्रमुखता से रखें और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से प्रदेश के विकास पर असर पड़ा, जबकि मौजूदा सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सदन में उठाएं और सरकार की नीतियों पर होने वाली चर्चा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी बैठक में खास जोर रहा। मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक 410 परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित की गई हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 1 लाख 89 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा 1 लाख 22 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इन आंकड़ों को सरकार की रोजगार नीति का हिस्सा बताते हुए विधायकों से युवाओं से जुड़े विषयों को सदन में मजबूती से उठाने को कहा।
भजनलाल शर्मा ने विधायकों को संसदीय मर्यादा और नियमों का पालन करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनता ने सभी विधायकों को प्रदेश के विकास के लिए विधानसभा भेजा है, इसलिए सत्ता और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक तरीके से चले। उन्होंने विधायकों से नियमित रूप से सदन में उपस्थित रहने, विधानसभा की कार्यप्रणाली और नियमों का अध्ययन करने तथा विधेयकों पर गंभीरता से चर्चा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से दिए जाने वाले उचित सुझावों पर सरकार विचार करेगी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी बैठक में विधायकों और मंत्रियों को आगामी सत्र में सक्रिय रहने और सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में डबल इंजन सरकार विकास के काम को आगे बढ़ा रही है और विधानसभा में सरकार की नीतियों को प्रभावी तरीके से जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में विकास को गति मिली है। उन्होंने पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार और सड़क समेत विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का जिक्र किया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, भाजपा संगठन महामंत्री अजेय कुमार, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग समेत मंत्रिपरिषद के सदस्य और भाजपा विधायक मौजूद रहे।