कांग्रेस में AICC सचिवों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू, राहुल गांधी ने पूछा परिचय तो प्रियंका ने किए सवाल

News Desk

New Delhi : कांग्रेस में संगठन की नई तस्वीर तैयार करने की कवायद अब इंटरव्यू के दौर तक पहुंच गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के नए सचिवों के चयन के लिए उम्मीदवारों से बातचीत शुरू हो चुकी है और इस प्रक्रिया में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सीधी नजर है। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी खुद उम्मीदवारों से बातचीत कर रहे हैं। वह शुरुआत में उनका परिचय जानने के साथ संगठन में उनकी भूमिका और अब तक के राजनीतिक अनुभव को समझने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा भी इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से सवाल कर उनकी राजनीतिक समझ और संगठन में काम करने की क्षमता को परख रही हैं।

दरअसल, कांग्रेस AICC सचिवों की ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश में है, जो सिर्फ पद संभालने तक सीमित न रहे, बल्कि राज्यों से लेकर जमीनी स्तर तक संगठन को सक्रिय करने में भूमिका निभाए। इसी वजह से उम्मीदवारों के चयन में उनके राजनीतिक अनुभव के साथ संगठनात्मक क्षमता, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की समझ को भी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि चयन की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हो सकती है।

इंटरव्यू में राहुल गांधी की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उम्मीदवारों से बातचीत के जरिए वह सीधे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि संगठन को लेकर उनकी सोच क्या है और पार्टी के लिए वे किस तरह काम कर सकते हैं। उम्मीदवारों से उनके परिचय और राजनीतिक सफर के बारे में पूछे जाने के बाद संगठन में निभाई गई जिम्मेदारियों और उनके अनुभव से जुड़े पहलुओं पर भी बातचीत हो रही है।

वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा के सवाल इंटरव्यू को एक अलग आयाम दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह उम्मीदवारों से अलग-अलग राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर सवाल कर रही हैं। उनके सवालों के जरिए यह परखने की कोशिश की जा रही है कि नेता जमीनी राजनीति को कितना समझता है, कार्यकर्ताओं के बीच उसकी पकड़ कैसी है और किसी राज्य या संगठनात्मक जिम्मेदारी को संभालने की स्थिति में वह किस तरह काम करेगा।

कांग्रेस की इस कवायद में एक और पहलू खास है और वह है युवा चेहरों पर जोर। पार्टी की नई सचिव टीम में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को जगह दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे नेताओं को आगे लाने पर विचार हो रहा है, जिन्होंने संगठन में सक्रिय रहते हुए जमीनी स्तर पर काम किया है। इससे पार्टी को एक ओर नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है तो दूसरी ओर वरिष्ठ नेतृत्व और युवा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने का रास्ता भी खुल सकता है।

हालांकि, इंटरव्यू में शामिल उम्मीदवारों में से अंतिम रूप से किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलेगी, इसे लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। पार्टी नेतृत्व की ओर से अंतिम सूची सामने आने के बाद ही यह पता चलेगा कि नई AICC टीम में किन चेहरों को जगह मिली है और उन्हें किन राज्यों या संगठनात्मक जिम्मेदारियों का काम सौंपा जाता है।

AICC सचिवों की नई टीम का चयन ऐसे समय हो रहा है, जब कांग्रेस अपने संगठन को चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार करने में जुटी है। पार्टी के लिए राज्यों में संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय कायम करना और नेतृत्व के फैसलों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में नए सचिवों को मिलने वाली जिम्मेदारियां सिर्फ संगठनात्मक पद तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आने वाले राजनीतिक मुकाबलों में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर AICC सचिवों के चयन की यह प्रक्रिया सामान्य नियुक्ति से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में उम्मीदवारों की परख से यह संकेत जरूर मिल रहा है कि पार्टी नई टीम को लेकर गंभीर है और जिम्मेदारी देने से पहले नेताओं की राजनीतिक समझ तथा संगठनात्मक क्षमता को करीब से परखना चाहती है। अब देखना होगा कि इंटरव्यू के इन दौरों के बाद कांग्रेस किन चेहरों पर भरोसा जताती है और नई AICC टीम के जरिए संगठन को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।

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