नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई एक घटना को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस ने कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस ने FIR को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं और कांग्रेस भी पीछे नहीं हटेगी। हुड्डा के मुताबिक, हल्द्वानी की घटना को लेकर राहुल गांधी ने कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन शिकायत पर कदम उठाने के बजाय उनके खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी मुद्दे पर आवाज उठाना ही अपराध है, तो लोकतंत्र में विरोध और सवाल पूछने की जगह कहां बचेगी।
कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने भी प्रदर्शन के दौरान केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, आदिवासियों और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, संविधान और सामाजिक समानता की बात करने वालों को डराने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि देश में कानून और संविधान की सर्वोच्चता बनी रहनी चाहिए।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को हरियाणा तक सीमित नहीं रखा है। पंजाब में पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग ने भी राहुल गांधी पर FIR और हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दोनों घटनाएं सामाजिक भेदभाव और राजनीतिक दबाव से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने आरोप लगाया कि FIR के जरिए कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे किसी दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है और इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए भाजपा पर संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
दरअसल, विवाद की एक कड़ी हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण से जुड़ी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सभा के बाद मंच को शुद्ध करने की कार्रवाई सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती है। पार्टी ने इस घटना की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी प्रतिक्रिया की मांग की थी। अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने दोनों मामलों को एक साथ उठाना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक या सामाजिक घटना पर सवाल उठाए जाते हैं तो उसका जवाब कानूनी कार्रवाई से नहीं, बल्कि तथ्य और लोकतांत्रिक संवाद से दिया जाना चाहिए। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह FIR के विरोध के साथ-साथ हल्द्वानी की घटना को भी राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे के तौर पर आगे बढ़ाएगी। हालांकि, राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR और हल्द्वानी की घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर भाजपा और संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के दावों को फिलहाल उसके राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जाना चाहिए।