Jaipur : राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों के बाद BJP ने अपने प्रदर्शन को बड़ी राजनीतिक सफलता के तौर पर पेश किया है। BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया कि पार्टी को पिछली बार की तुलना में इस बार ढाई से तीन गुना तक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका—तीनों स्तरों पर BJP ने पिछली तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। राठौड़ ने चुनाव परिणाम को राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार के कामकाज और विकास योजनाओं पर जनता की मुहर बताया।
निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद BJP की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मदन राठौड़ ने अधिक मतदान के लिए प्रदेश के मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता ने BJP को व्यापक समर्थन दिया है और शहरी निकायों में पार्टी का प्रदर्शन पिछली बार की तुलना में काफी मजबूत रहा है।
राठौड़ के मुताबिक, इस बार BJP की सफलता में ढाई से तीन गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे जनता के समर्थन के साथ-साथ राज्य सरकार के कामकाज से जोड़ते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर सरकार की दिशा को मतदाताओं ने समर्थन दिया है। हालांकि, यह BJP प्रदेश अध्यक्ष की ओर से चुनाव परिणाम की राजनीतिक व्याख्या है।
मदन राठौड़ ने नगर परिषदों के प्रदर्शन का आंकड़ा रखते हुए कहा कि पिछली बार इन निकायों में BJP की सफलता करीब 29 प्रतिशत थी, जो इस बार बढ़कर 65.95 प्रतिशत हो गई। उन्होंने इस बढ़त को पार्टी संगठन की मजबूती और सरकार के कामकाज के प्रति जनता के समर्थन के तौर पर पेश किया।
इसी तरह नगर पालिकाओं के प्रदर्शन को लेकर भी BJP प्रदेश अध्यक्ष ने बढ़त का दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार नगर पालिकाओं में BJP की सफलता 32.23 प्रतिशत थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 67.06 प्रतिशत पहुंच गया। राठौड़ के अनुसार, नगर पालिका स्तर पर भी पार्टी ने पिछले चुनाव की तुलना में उल्लेखनीय सुधार किया है।
नगर निगमों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि पिछली बार BJP के पास पांच मेयर थे, जबकि इस बार पार्टी ने नगर निगमों में करीब 90 प्रतिशत सफलता हासिल की है। BJP की ओर से जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा और उदयपुर नगर निगम में पूर्ण बहुमत मिलने को भी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के उदाहरण के तौर पर बताया गया है।
हालांकि निकाय चुनाव की पूरी तस्वीर अभी कुछ जगहों पर बाकी है। कुछ वार्डों में EVM से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण दोबारा मतदान कराया जाना है। ऐसे में संबंधित निकायों में री-पोलिंग और उसके बाद होने वाली मतगणना के बाद ही अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। इसके अलावा जिन निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
मदन राठौड़ ने BJP के चुनावी प्रदर्शन को सीधे भजनलाल शर्मा सरकार के कामकाज से जोड़ते हुए कहा कि जनता ने सरकार के विकास कार्यों पर भरोसा जताया है। उनके मुताबिक, निकाय चुनाव का जनादेश इस बात का संकेत है कि शहरी मतदाताओं ने BJP की नीतियों और सरकार के कामकाज को समर्थन दिया है। यह BJP की ओर से परिणाम की राजनीतिक व्याख्या है और इसे अंतिम तौर पर मतदाताओं की राय का प्रत्यक्ष माप नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर, चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए भी चुनौती लेकर आए हैं। हालांकि कई निकायों में कांग्रेस ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया है और कुछ जगहों पर निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका में हैं। ऐसे में राज्यभर के कुल नतीजों के साथ-साथ स्थानीय निकायों में बनने वाले बोर्डों की तस्वीर भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगी।
अब पार्षदों के चुनाव परिणाम के बाद BJP और कांग्रेस दोनों की नजर बोर्ड गठन पर है। जिन निकायों में स्पष्ट बहुमत नहीं है, वहां पार्षदों को साथ लाने की कवायद तेज होगी। इसके बाद मेयर, सभापति और अध्यक्ष पदों के चुनाव अगले चरण की बड़ी राजनीतिक चुनौती होंगे।