जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने फिलहाल 11 वार्डों में प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। इसके साथ ही AAP ने साफ संकेत दिया है कि वह जयपुर के स्थानीय चुनाव में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने जा रही है।
AAP की पहली सूची में वार्ड 22 से त्रिलोक पारीक, वार्ड 33 से कविता यादव, वार्ड 54 से संगीता कुमारी गौड़, वार्ड 62 से योगेश गोयल, वार्ड 64 से हीरा लाल खर्रा, वार्ड 71 से मोहम्मद साजिद, वार्ड 103 से प्रदीप, वार्ड 117 से मोहम्मद असलम, वार्ड 120 से लाल चंद सैनी, वार्ड 141 से डॉ. गजेन्द्र बंसल और वार्ड 145 से पिंकी कुमारी को उम्मीदवार बनाया गया है।
पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़, क्षेत्र में सक्रियता और जनता के बीच स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को महत्व दिए जाने की बात कही गई है। AAP का फोकस वार्ड स्तर के मुद्दों पर रहने की संभावना है। इनमें सफाई व्यवस्था, सड़क, सीवरेज, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। ऐसे में 11 उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद अब पार्टी की अगली सूची पर नजर है। इससे यह स्पष्ट होगा कि AAP कितने वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और किन इलाकों को पार्टी ने अपनी प्राथमिकता में रखा है।
AAP के उम्मीदवारों की घोषणा ऐसे समय हुई है जब भाजपा और कांग्रेस भी टिकट वितरण को लेकर अंतिम दौर की तैयारियों में जुटी हैं। दोनों प्रमुख दलों में बड़ी संख्या में दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। वार्डवार समीकरण, स्थानीय जनाधार और संभावित उम्मीदवारों की जीत की संभावना को देखते हुए पार्टी स्तर पर नामों पर मंथन किया जा रहा है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता भी बढ़ गई है। कई दावेदार अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क में जुटे हैं, जबकि राजनीतिक दल वार्डवार रणनीति बनाने में लगे हैं। ऐसे में AAP की ओर से पहली सूची जारी करने से उसके प्रत्याशियों को प्रचार और जनसंपर्क के लिए अपेक्षाकृत अधिक समय मिल गया है।
जयपुर की स्थानीय राजनीति में अब तक मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जाता रहा है। हालांकि, AAP इस चुनाव में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी यदि बड़ी संख्या में वार्डों में उम्मीदवार उतारती है तो कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। इसका असर खास तौर पर उन वार्डों में देखने को मिल सकता है जहां स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से 31 अगस्त तक चलेगी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। जयपुर नगर निगम के लिए मतदान 11 सितंबर को प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 14 सितंबर को होगी। ऐसे में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के पास अब चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बहुत कम समय बचा है।
AAP की पहली सूची सामने आने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार है। प्रमुख दलों की सूचियां सामने आने के बाद वार्डवार मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। साथ ही टिकट से वंचित दावेदारों की अगली रणनीति भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल AAP ने 11 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर जयपुर नगर निगम चुनाव के मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। अब नजर पार्टी की अगली सूची और भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों पर है, जिनके सामने आने के बाद जयपुर के 150 वार्डों में चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर साफ होने लगेगी।