151 वोट बनाम 150, नदबई में एक वोट ने तय किया चुनावी नतीजा; जीत के अगले दिन प्रत्याशी की मां का निधन

News Desk

भरतपुर: राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में भरतपुर की नदबई नगर पालिका का वार्ड नंबर 6 बेहद करीबी मुकाबले की वजह से चर्चा में है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी जगदीश प्रसाद ने BJP के रामशरण को महज एक वोट के अंतर से हराया। अंतिम नतीजे में जगदीश प्रसाद को 151 वोट मिले, जबकि रामशरण के खाते में 150 वोट आए। यानी एक वोट ने जीत और हार का पूरा फैसला बदल दिया। इस बेहद करीबी चुनावी मुकाबले के साथ एक भावुक घटनाक्रम भी जुड़ा है। मतदान के अगले ही दिन जगदीश प्रसाद की मां का निधन हो गया।

नदबई नगर पालिका के वार्ड 6 में मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम गिनती तक मुकाबला बेहद नजदीक रहा और जब परिणाम सामने आया तो अंतर सिर्फ एक वोट का था। जगदीश प्रसाद को 151 मत मिले, जबकि BJP प्रत्याशी रामशरण को 150 वोट प्राप्त हुए। इस तरह निर्दलीय प्रत्याशी को विजेता घोषित किया गया।

स्थानीय चुनाव में एक-एक वोट की अहमियत किस तरह नतीजे को प्रभावित कर सकती है, वार्ड 6 का परिणाम इसका सीधा उदाहरण है। अगर एक वोट भी इधर से उधर होता तो चुनावी तस्वीर बदल सकती थी। यही वजह है कि 151-150 का यह परिणाम नदबई के सबसे करीबी मुकाबलों में शामिल हो गया है।

जगदीश प्रसाद की जीत से जुड़ा घटनाक्रम उस समय और भावुक हो गया, जब मतदान के अगले ही दिन उनकी मां का निधन हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मां ने मतदान के दिन अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इसके अगले दिन उनके निधन की खबर सामने आई। परिवार के लिए यह समय एक साथ खुशी और गहरे दुख से गुजरने वाला रहा।

चुनाव परिणाम के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी मां के आखिरी वोट को लेकर भी चर्चा होने लगी। लोगों के बीच यह बात कही जा रही है कि मतदान के दिन उन्होंने अपने बेटे के पक्ष में वोट किया और अगले ही दिन उनका निधन हो गया। हालांकि, यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि वही वोट चुनाव का निर्णायक वोट था। चुनाव में सभी मत समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं और आधिकारिक नतीजा 151 बनाम 150 वोट का है।

वार्ड 6 का परिणाम इसलिए भी खास है क्योंकि स्थानीय निकाय चुनावों में आम तौर पर जीत का अंतर कई बार काफी बड़ा होता है, लेकिन यहां दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच सिर्फ एक वोट का फासला रहा। ऐसे में एक अतिरिक्त मत ने निर्दलीय प्रत्याशी को जीत दिला दी, जबकि BJP प्रत्याशी एक वोट से पीछे रह गए।

नदबई नगर पालिका के व्यापक चुनावी समीकरण में भी निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार नगर पालिका के 35 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने कई सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि BJP ने भी अलग-अलग वार्डों में अपनी स्थिति मजबूत की। ऐसे माहौल में वार्ड 6 में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत स्थानीय स्तर पर स्वतंत्र उम्मीदवारों के प्रभाव को भी दिखाती है।

निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों की स्थिति अक्सर विधानसभा या लोकसभा चुनावों से अलग होती है। वार्ड स्तर पर उम्मीदवार की व्यक्तिगत पहचान, स्थानीय संपर्क और क्षेत्र में उसकी पकड़ कई बार पार्टी के चुनाव चिन्ह से भी ज्यादा प्रभाव डाल सकती है। नदबई के वार्ड 6 में भी मुकाबले का इतना करीबी होना इसी स्थानीय स्तर की चुनावी प्रतिस्पर्धा को सामने लाता है।

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में कई वार्डों में जीत के बड़े अंतर देखने को मिले, लेकिन नदबई का यह परिणाम अलग वजह से चर्चा में है। 151 वोट बनाम 150 वोट का अंतर सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि पूरे चुनावी नतीजे को बदल देने वाला अंतर रहा। इसके साथ मतदान के अगले ही दिन जगदीश प्रसाद की मां के निधन की घटना जुड़ने से यह परिणाम परिवार और स्थानीय लोगों के लिए भावनात्मक रूप से भी खास बन गया है।

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