नई दिल्ली। नेपाल में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से मची तबाही के बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरी संवेदना जताई। उन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। पीएम मोदी की इस पहल पर नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने आभार व्यक्त किया और भारत की ओर से जताई गई एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया।
बालेंद्र शाह ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुश्किल समय में भारत की ओर से व्यक्त की गई संवेदना और सहायता की पेशकश नेपाल के लिए मायने रखती है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है जब नेपाल के कई हिस्से प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
नेपाल में पिछले दिनों भारी बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। चीन की सीमा से लगे रसुवा जिले और आसपास के क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड ने स्थिति को गंभीर बना दिया। बाढ़ के तेज बहाव में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। इससे राहत दलों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों पर भी पड़ा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे कई भारतीय यात्रियों के प्रभावित इलाकों में फंसे होने या संपर्क से बाहर होने की खबरों ने चिंता बढ़ाई है। ऐसे में भारत की ओर से नेपाल को सहायता की पेशकश को राहत और बचाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान नेपाल के लोगों के प्रति भारत की एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत के समय भारत अपने पड़ोसी के साथ खड़ा है। भारत और नेपाल के बीच पहले से ही आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के क्षेत्र में सहयोग रहा है। ऐसे में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय राहत अभियान को गति देने में मदद कर सकता है।
बालेंद्र शाह ने भी भारत की पहल का स्वागत किया। उन्होंने पीएम मोदी की संवेदना और सहायता के आश्वासन के लिए धन्यवाद देते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख किया। नेपाल के लिए यह संदेश ऐसे समय में आया है जब सरकार के सामने प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश करने की बड़ी चुनौती है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी मुश्किल क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा बन रहा है। कई स्थानों पर सड़कें और पुल टूटने के कारण सामान्य आवाजाही बाधित है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जिससे बचाव दलों को बेहद सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
इस बीच भारत सरकार नेपाल में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी में मदद की जा रही है।
फिलहाल नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और लापता लोगों की तलाश पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है।