जयपुर की वोटर लिस्ट में ‘राष्ट्रपति’ और ‘ओबामा’ भी, अमरीश पुरी से लेकर ‘फ्रांस’ तक दर्ज हैं अनोखे नाम

News Desk

Jaipur : जयपुर में नगर निगम चुनाव के बीच मतदाता सूची में दर्ज कुछ नाम लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। शहर की अलग-अलग बस्तियों और वार्डों की वोटर लिस्ट में ‘राष्ट्रपति’, ‘ओबामा’ और ‘अमरीश पुरी’ जैसे नाम दर्ज हैं। पहली नजर में इन नामों को पढ़कर किसी चर्चित व्यक्ति या बड़ी हस्ती का ख्याल आ सकता है, लेकिन हकीकत में ये जयपुर में रहने वाले आम मतदाता हैं, जिनके नाम अपनी अलग वजह से चर्चा में आ गए हैं।

शास्त्री नगर की तेलीपाड़ा कॉलोनी में रहने वाले राष्ट्रपति साहू इन दिनों अपने नाम को लेकर खासे चर्चित हैं। राष्ट्रपति साहू रोजाना चाट-पकौड़ी की दुकान लगाते हैं और स्थानीय लोग उन्हें लंबे समय से इसी नाम से जानते हैं। उनका कहना है कि बचपन में दोस्तों ने मजाक-मजाक में उन्हें ‘राष्ट्रपति’ कहना शुरू किया था। धीरे-धीरे यह नाम इतना चलन में आ गया कि उनका असली नाम पीछे छूट गया और लोग उन्हें राष्ट्रपति साहू के नाम से ही बुलाने लगे।

समय के साथ दोस्तों और आसपास के लोगों की जुबान पर चढ़ा यही नाम अब मतदाता सूची में भी दर्ज है। चुनाव के दौरान जब लोगों की नजर वोटर लिस्ट पर गई तो ‘राष्ट्रपति साहू’ नाम ने स्वाभाविक तौर पर लोगों का ध्यान खींच लिया। हालांकि, नाम के पीछे की कहानी बिल्कुल सामान्य है और इसका किसी संवैधानिक पद या राजनीतिक पहचान से कोई संबंध नहीं है।

जयपुर के वार्ड 146 स्थित भट्टा बस्ती की मतदाता सूची में भी ऐसा ही एक नाम सामने आया है। यहां ‘ओबामा’ नाम का मतदाता दर्ज है। जानकारी के मुताबिक, बचपन में दोस्तों ने उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के नाम पर ‘ओबामा’ कहकर बुलाना शुरू किया था। धीरे-धीरे यह नाम उनकी पहचान का हिस्सा बन गया और आज लोग उन्हें इसी नाम से जानते हैं।

मतदाता सूची में ‘ओबामा’ नाम दर्ज होने के कारण चुनावी माहौल में यह नाम भी चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर बराक ओबामा के नाम से समानता होने के कारण जब लोग वोटर लिस्ट में इसे देखते हैं तो एक पल के लिए जरूर चौंकते हैं। हालांकि, यहां भी कहानी किसी अंतरराष्ट्रीय हस्ती की नहीं, बल्कि जयपुर के एक आम मतदाता के उपनाम से जुड़ी है।

जयपुर की मतदाता सूची में ऐसे नामों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में ‘अमरीश पुरी’, ‘बांडया’ और ‘चक्रधारी’ जैसे नाम भी मतदाता सूची में दर्ज हैं। इसी तरह सोडाला क्षेत्र में ‘फ्रांस’ नाम का एक मतदाता और ‘अम्मा’ नाम की महिला मतदाता भी सूची में शामिल हैं।

इनमें से कुछ नाम लोगों को इसलिए भी चौंकाते हैं क्योंकि वे जाने-पहचाने नामों या स्थानों से मिलते-जुलते हैं। लेकिन इन नामों के पीछे की वजह स्थानीय पहचान, बचपन में रखे गए नाम या लंबे समय से चले आ रहे उपनाम हो सकते हैं। ऐसे नाम कई बार परिवार और आसपास के लोगों के बीच इतने प्रचलित हो जाते हैं कि बाद में यही व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान बन जाते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इन नामों की वजह से चर्चा में आने वाले लोग किसी खास वीआईपी श्रेणी में नहीं आते। वे जयपुर के सामान्य नागरिक हैं और दूसरे मतदाताओं की तरह ही अपने वार्ड में मतदान कर रहे हैं। चुनाव के दौरान जब मतदाता सूची सामने आती है तो ऐसे नाम लोगों की नजर में आ जाते हैं और फिर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

राष्ट्रपति साहू हों या भट्टा बस्ती के ‘ओबामा’, इन नामों के साथ जुड़ी कहानियां यह भी दिखाती हैं कि भारत में लोगों के आधिकारिक नाम के अलावा उपनाम और पुकार के नाम किस तरह उनकी पहचान का हिस्सा बन जाते हैं। कई बार बचपन में दोस्तों या परिवार की ओर से दिया गया नाम इतना लोकप्रिय हो जाता है कि वही आगे चलकर व्यक्ति की पहचान बन जाता है।

जयपुर में शुक्रवार, 11 सितंबर को नगर निगम के 150 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। यह राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण का हिस्सा है। जयपुर समेत प्रदेश के 147 नगरीय निकायों में मतदाता अपने-अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाल रहे हैं। इसी दौरान मतदाता सूचियों में दर्ज इन अनोखे नामों ने चुनावी माहौल में एक अलग तरह की दिलचस्पी पैदा कर दी है।

Share This Article