जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके पात्र आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा बड़ा फैसला किया है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अब गंभीर रक्त कैंसर के इलाज के लिए CAR-T Cell Therapy को भी शामिल कर लिया गया है। सरकार ने इस अत्याधुनिक उपचार के लिए अधिकतम 30 लाख रुपए का पैकेज तय किया है।
सरकार के मुताबिक, 30 लाख रुपए के इस पैकेज में CAR-T सेल तैयार करने के लिए 26 लाख रुपए तक और सपोर्टिव केयर के साथ उपचार के दौरान संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के लिए 4 लाख रुपए तक की राशि शामिल होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को इस फैसले की जानकारी साझा की। इससे ऐसे पात्र मरीजों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए यह उपचार सामान्य तौर पर काफी महंगा होता है।
CAR-T Cell Therapy कैंसर के इलाज की आधुनिक इम्यूनोथेरेपी है। इसमें मरीज की अपनी T-Cells को शरीर से निकालकर प्रयोगशाला में विशेष रूप से तैयार किया जाता है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन पर हमला कर सकें। यह उपचार खास तौर पर कुछ गंभीर रक्त कैंसर के मामलों में इस्तेमाल किया जाता है, विशेषकर तब जब पहले किए गए उपचार पर्याप्त असर न कर रहे हों।
हालांकि, RGHS के तहत यह सुविधा हर मरीज को अपने आप नहीं मिलेगी। उपचार के लिए मरीज की बीमारी, पहले हो चुके इलाज और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति का विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक या विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के बाद ही मरीज को उपचार के लिए पात्र माना जाएगा। इसके अलावा इलाज शुरू करने से पहले प्री-ऑथराइजेशन लेना भी जरूरी होगा।
सरकार ने यह भी तय किया है कि CAR-T Cell Therapy केवल अधिकृत चिकित्सा केंद्रों पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। इन केंद्रों पर मरीज की स्थिति बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए ICU बैकअप की सुविधा होना भी जरूरी रहेगा। इससे उपचार के दौरान किसी आपात स्थिति में मरीज को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कैंसर के महंगे इलाज से जुड़ी मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने मेडिकल बोर्ड की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब महंगी दवाओं और उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति ऑनलाइन ली जा सकेगी। अधिकृत अस्पताल मरीज का मामला सीधे पोर्टल के माध्यम से बोर्ड के सामने भेज सकेंगे और वीडियो कॉल के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे मरीजों और उनके परिवारों को हर बार जयपुर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राज्य सरकार ने RGHS के तहत कैंसर उपचार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य चिकित्सा मानकों को प्राथमिकता देने की बात भी कही है। उपचार संबंधी फैसलों में NICE और UK की गाइडलाइंस को ध्यान में रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में नगर निकाय चुनाव के चलते आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से RGHS से जुड़े इस महत्वपूर्ण फैसले को सामने रखा गया है। CAR-T Cell Therapy को योजना में शामिल किए जाने से राजस्थान में गंभीर रक्त कैंसर से जूझ रहे पात्र मरीजों के लिए आधुनिक उपचार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है, वहीं 30 लाख रुपए तक का पैकेज उनके परिवारों पर पड़ने वाले भारी इलाज खर्च को कम कर सकता है।