शिक्षा माफियाओं को संरक्षण देना बंद करे सरकार, पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री तुरंत दें इस्तीफा: सचिन पायलट

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झुंझुनूं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने नीट (NEET) पेपर लीक प्रकरण को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार और प्रशासन की विफलता नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा एक जघन्य अपराध है। नीट पेपर लीक ने 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों के सपनों और उनकी वर्षों की मेहनत को कुचल कर रख दिया है।

पायलट ने शुक्रवार को झुंझुनूं जिले के गुढ़ा गौड़जी पहुंचकर नीट-2026 परीक्षा में शामिल हुए दिवंगत छात्र प्रदीप मेघवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय माता-पिता अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की आस में लाखों रुपये का कर्ज लेकर उन्हें पढ़ाते हैं, लेकिन इस भ्रष्ट व्यवस्था ने उनका विश्वास पूरी तरह से तोड़ दिया है। पायलट ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब इस अन्याय के खिलाफ पीड़ित परिवारों और युवाओं ने न्याय की गुहार लगाई, तो पुलिस और प्रशासन ने उनके साथ संवेदनहीनता दिखाते हुए दुर्व्यवहार किया। इस व्यवस्था की नाकामी के कारण जो जान गई है, उसकी पूरी जिम्मेदारी इस तंत्र और सरकार की है।

‘यह कोई छिटपुट घटना नहीं, करोड़ों का सुनियोजित खेल है’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि यह पेपर लीक कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपयों का एक सुनियोजित खेल है जिसे बड़े शिक्षा माफिया चला रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहली बार गड़बड़ी की बात सामने आई, तब प्रदेश की सरकार ने समय पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी क्यों की?

पायलट ने कहा, “जब पुलिस अधिकारियों को खुद इस गड़बड़ी का अंदेशा था और दिल्ली में छात्रों के व्यापक विरोध के बाद एनटीए (NTA) ने भी सरकार को सचेत कर दिया था, तब भी मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया।”

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी इच्छाशक्ति से कोई कार्रवाई नहीं की। जब छात्रों ने खुद ‘गेस पेपर’ और असली पेपर का मिलान कर इस महाघोटाले को बेनकाब कर दिया, तब जाकर मजबूरी में सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े। पायलट ने तंज कसते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों का श्रेय लेने वाली और ‘बड़े मगरमच्छों’ को पकड़ने का वादा करने वाली सरकार अब तक केवल दिखावे की कार्रवाई कर रही है और असली सरगनाओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘शिक्षा मंत्री तुरंत दें इस्तीफा’

पायलट ने इस महाघोटाले और प्रशासनिक विफलता की सीधी नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा मंत्री से अविलंब इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि पैसों के दम पर देश के नौजवानों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का अधिकार किसी भी नेता, अधिकारी या माफिया को नहीं है। यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने स्वयं पीड़ित परिवारों से बात कर उनका दुख साझा किया है और स्पष्ट किया है कि कांग्रेस इस संघर्ष में युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

पायलट ने सरकार को चेतावनी दी कि वह जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास न करे। युवाओं को न्याय दिलाने और शिक्षा माफियाओं के पूर्ण खात्मे तक यह लड़ाई बिना रुके जारी रहेगी।

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