रांची में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: लाठीचार्ज और आंसू गैस के बीच विधानसभा घेराव, पूर्व JPSC अध्यक्ष गिरफ्तार

News Desk

झारखंड। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, फिर लाठीचार्ज किया और अंत में आंसू गैस के गोले भी दागे।

प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा से करीब 100 मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे और वहीं धरना देने लगे। पुलिस द्वारा लगाए गए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश में कई छात्र उस पर चढ़ गए और विरोध जताते नजर आए। लाठीचार्ज के जवाब में कुछ छात्रों ने पानी की बोतलें और चप्पलें भी फेंकीं, जिससे मौके पर तनाव और बढ़ गया।

इस बीच CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में छापेमारी के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और तब से एजेंसी उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी।

विधानसभा क्षेत्र को चारों तरफ से 6 लेयर सुरक्षा घेरा बनाकर सील किया गया है। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए।

छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और 6 छात्र भूख हड़ताल पर हैं। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो, जो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, एंबुलेंस के जरिए विधानसभा मार्च में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा और यह अब जन-आंदोलन बन चुका है।

छात्रों की मुख्य मांग JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की CBI जांच और सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की है। उनका आरोप है कि विभिन्न परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और भ्रष्टाचार हुआ है। हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि वह छात्रों की अधिकांश मांगें मान चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी को “सिर्फ दिखावा” बताया और आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायक भी छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे, जिन्हें बाद में पुलिस ने वहां से हटा दिया।

फिलहाल रांची में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं छात्र संगठन साफ कर चुके हैं कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णायक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

Share This Article