जयपुर। नेपाल में बाढ़ और बिगड़े मौसम के बीच राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत होने वाली पशुपतिनाथ यात्रा को फिलहाल टाल दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 27 से 31 अगस्त तक प्रस्तावित यात्रा स्थगित रखने का फैसला किया गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यात्रा रद्द नहीं की गई है। नेपाल में हालात सामान्य होने के बाद यात्रा की नई तारीख तय की जाएगी।
नेपाल में लगातार बारिश, बाढ़ और कई इलाकों में बने आपदा जैसे हालात को देखते हुए राजस्थान के देवस्थान विभाग ने यह निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वरिष्ठ नागरिकों को नेपाल भेजना उचित नहीं होगा। मौसम और स्थानीय हालात की समीक्षा के बाद ही आगे की यात्रा को लेकर फैसला लिया जाएगा।
देवस्थान विभाग के अनुसार, नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वहां मौजूद राजस्थान के यात्रियों से भी संपर्क बनाए रखा जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नेपाल में फंसे या किसी तरह की परेशानी का सामना कर रहे यात्रियों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए।
इसी बीच राजस्थान से यात्रा पर निकले 43 तीर्थयात्री काठमांडू पहुंच चुके हैं और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इनमें उदयपुर जिले के 31 और सलूंबर जिले के 12 यात्री शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन यात्रियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विभाग उनके संपर्क में है।
काठमांडू में मौजूद यात्रियों को लेकर फिलहाल राहत की बात यह है कि वे सुरक्षित हैं। हालांकि, नेपाल के कुछ अन्य हिस्सों में बाढ़ और भारी बारिश के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह का जोखिम लेने से बच रही है और नए यात्रियों को भेजने से पहले परिस्थितियों का आकलन कर रही है।
यात्रा स्थगित होने से उन वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों में भी असमंजस की स्थिति है, जिनकी तीर्थ यात्रा आने वाले दिनों में प्रस्तावित थी। सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे फिलहाल यात्रा के लिए रवाना न हों और नई तारीख से संबंधित आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
राजस्थान सरकार ने यह भी साफ किया है कि यात्रा को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि परिस्थितियों को देखते हुए अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। नेपाल में मौसम और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होने के बाद नई तारीख की घोषणा की जाएगी। इससे उन यात्रियों को राहत मिली है जो यात्रा को लेकर चिंतित थे।
नेपाल में मौजूद राजस्थान के यात्रियों और उनके परिजनों के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन संपर्क व्यवस्था भी सक्रिय रखी है। किसी यात्री के फंसे होने, संपर्क टूटने या तत्काल सहायता की जरूरत होने पर परिजन 1070 और 112 टोल-फ्री नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा जयपुर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के नंबर 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 और 0141-2227603 जारी किए गए हैं। आपात स्थिति में 28888 पर भी संपर्क किया जा सकता है। विभाग ने relief-rj@nic.in ई-मेल के जरिए भी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
सरकार की ओर से नेपाल में मौजूद यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें। परिजनों को भी सलाह दी गई है कि किसी अफवाह या अपुष्ट सूचना पर भरोसा करने के बजाय सरकारी हेल्पलाइन और आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी लें।
नेपाल में बाढ़ के कारण बने हालात ने राजस्थान की तीर्थ यात्रा व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता यात्रा को जल्द शुरू करने के बजाय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौसम में सुधार और नेपाल में स्थिति सामान्य होने के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।