जयपुर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर रोहित बोहरा का मंथन, परिसीमन और उम्मीदवार चयन पर चर्चा

News Desk

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने जयपुर को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। वार्डों के परिसीमन, संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर पार्टी के भीतर लगातार चर्चा चल रही है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने जयपुर में पार्टी की चुनावी तैयारियों को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया।

जयपुर के 150 वार्डों में होने वाले निकाय चुनाव को कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि टिकट वितरण से पहले प्रत्येक वार्ड के राजनीतिक समीकरण और संभावित उम्मीदवारों की स्थिति को समझा जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं से राय ली जा रही है, ताकि अंतिम समय में टिकट को लेकर असंतोष या बगावत की स्थिति कम से कम हो।

रोहित बोहरा की सक्रियता को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस संगठन की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में संभावित उम्मीदवारों और चुनावी माहौल का फीडबैक जुटाया जा रहा है। इसमें वार्ड की मौजूदा स्थिति, पिछले चुनावों के परिणाम, स्थानीय मुद्दे और दावेदारों की पकड़ जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी जा रही है।

निकाय चुनाव में परिसीमन भी एक बड़ा फैक्टर बनकर सामने आया है। वार्डों की सीमाओं में बदलाव के बाद कई क्षेत्रों का राजनीतिक और सामाजिक समीकरण बदल गया है। ऐसे में जिन नेताओं की पकड़ किसी खास वार्ड में मजबूत थी, उनके सामने नए वार्ड में अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। कांग्रेस इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के नामों पर विचार कर रही है।

पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मजबूत चुनावी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की है। टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आए हैं। ऐसे में कांग्रेस यह देख रही है कि कौन सा उम्मीदवार पार्टी संगठन के साथ बेहतर तालमेल रखते हुए अपने वार्ड में चुनाव जीतने की स्थिति में है।

जयपुर में भाजपा भी टिकट वितरण की तैयारी में जुटी है। भाजपा को बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के बाद पार्टी स्तर पर स्क्रीनिंग और वार्डवार फीडबैक का दौर चल रहा है। ऐसे में कांग्रेस के सामने भी मजबूत उम्मीदवार उतारने का दबाव है। दोनों प्रमुख दलों के बीच टिकट चयन को लेकर आने वाले दिनों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

कांग्रेस के लिए स्थानीय चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि निकाय स्तर पर पार्टी का संगठन और कार्यकर्ता नेटवर्क सीधे चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों से अलग स्थानीय निकाय चुनाव में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय संपर्क और वार्ड के मुद्दों की समझ काफी अहम होती है। यही वजह है कि पार्टी इस बार उम्मीदवार चयन में जमीनी फीडबैक को ज्यादा महत्व दे रही है।

रोहित बोहरा खुद राजस्थान विधानसभा में राजाखेड़ा का प्रतिनिधित्व करते हैं और कांग्रेस संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक सूची में उन्हें राजाखेड़ा से कांग्रेस विधायक के तौर पर दर्ज किया गया है।

जयपुर में चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस के सामने एक और चुनौती टिकट वितरण के बाद संभावित नाराजगी को संभालने की होगी। बड़ी संख्या में दावेदार होने के कारण सभी को टिकट मिलना संभव नहीं है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कोशिश रहेगी कि टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन के साथ जोड़े रखा जाए और उन्हें चुनाव के दौरान पार्टी के पक्ष में सक्रिय किया जाए।

फिलहाल कांग्रेस की ओर से उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आना बाकी है। परिसीमन के बाद बदले वार्ड समीकरणों और स्थानीय फीडबैक के आधार पर पार्टी जिन चेहरों पर भरोसा जताएगी, उसका असर सीधे चुनावी मुकाबले पर पड़ सकता है।

Share This Article