श्रीगंगानगर। राजस्थान में निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नामांकन से जुड़ी एक अहम शर्त सामने आई है। अब प्रत्याशियों को नामांकन पत्र के साथ ODF (Open Defecation Free) यानी खुले में शौच से मुक्त होने का शपथ पत्र भी देना होगा। इस घोषणा के जरिए उम्मीदवार को यह बताना होगा कि उसके घर में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है और उसका नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में जोड़े गए इस प्रावधान के बाद उम्मीदवारों के लिए केवल राजनीतिक और चुनावी तैयारी ही नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज पूरे करना भी महत्वपूर्ण हो गया है। निर्धारित प्रारूप में दिए जाने वाले शपथ पत्र में घर में शौचालय की उपलब्धता और उसके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी देनी होगी।
श्रीगंगानगर नगर परिषद के सभी 65 वार्डों से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए ODF संबंधी घोषणा को नामांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। उम्मीदवार को अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र जमा करना होगा।
इस व्यवस्था में केवल शौचालय की मौजूदगी का उल्लेख करना ही पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवार को यह भी घोषित करना होगा कि घर में उपलब्ध शौचालय का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा निर्धारित घोषणा में परिवार के सदस्यों से जुड़ी स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी भी मांगी जा सकती है। यही वजह है कि उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से पहले शपथ पत्र के प्रारूप और उसमें मांगी गई जानकारी को ध्यान से जांचने की सलाह दी जा रही है।
निकाय चुनावों में इस तरह की घोषणा को शामिल करने के पीछे स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य माना जा रहा है। स्थानीय निकाय सीधे तौर पर शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था जैसी जिम्मेदारियों से जुड़े होते हैं। ऐसे में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से उनके घर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर घोषणा लेना इस मुद्दे को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ता है।
खुले में शौच की समस्या से निपटने के लिए देशभर में लंबे समय से स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। घरों में शौचालय निर्माण और उसके नियमित इस्तेमाल को स्वच्छता व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है। इसी पृष्ठभूमि में निकाय चुनाव के दौरान ODF घोषणा की शर्त को भी देखा जा रहा है।
उम्मीदवारों के लिए यह प्रावधान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नामांकन प्रक्रिया में किसी दस्तावेज या घोषणा के छूट जाने से बाद में परेशानी हो सकती है। ऐसे में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों को नामांकन से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच करने के साथ ODF शपथ पत्र भी तैयार रखना होगा।
श्रीगंगानगर में 65 वार्डों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं। भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। टिकट मिलने के बाद प्रत्याशियों के सामने अब नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने की चुनौती भी है।
ODF शपथ पत्र की शर्त सामने आने के बाद उम्मीदवारों के बीच इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। खासकर पहली बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए यह जानना जरूरी होगा कि शपथ पत्र में कौन-कौन सी जानकारी देनी है और इसे नामांकन के साथ किस तरह जमा करना है।
हालांकि, इस प्रावधान को लेकर यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि इसका दायरा केवल श्रीगंगानगर नगर परिषद तक है या राज्य के अन्य नगरीय निकायों में भी इसी तरह की शर्त लागू है। उम्मीदवारों को अपने संबंधित निर्वाचन अधिकारी से नामांकन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की अंतिम सूची की पुष्टि कर लेनी चाहिए।