निकाय चुनाव से पहले डोटासरा का BJP पर बड़ा आरोप, बोले- SDM से करवाया जा रहा जिताऊ उम्मीदवारों का सर्वे

News Desk

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिकट वितरण से पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा का दावा है कि भाजपा वार्डवार संभावित उम्मीदवारों की स्थिति जानने के लिए अपने संगठन के बजाय प्रशासनिक अधिकारियों का सहारा ले रही है। उनके मुताबिक, एसडीएम स्तर के अधिकारियों से संभावित प्रत्याशियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक आईएएस अधिकारी के स्तर से एसडीएम को यह पता लगाने के लिए कहा जा रहा है कि अलग-अलग वार्डों में कौन सा उम्मीदवार चुनाव जीतने की स्थिति में है। उनका कहना है कि इस तरह जुटाई जा रही जानकारी का इस्तेमाल भाजपा के टिकट वितरण में किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं और भाजपा या सरकार की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों के कथित इस्तेमाल को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल के उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी की भूमिका नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को टिकट के लिए अपने कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और संगठन से फीडबैक लेना चाहिए, न कि सरकारी अधिकारियों से संभावित उम्मीदवारों का राजनीतिक सर्वे करवाना चाहिए।

डोटासरा ने कहा कि यदि भाजपा को अपने उम्मीदवारों की जीत की संभावना जानने के लिए एसडीएम से सर्वे करवाना पड़ रहा है, तो यह उसके संगठनात्मक ढांचे पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल करना सत्ता के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। उन्होंने सरकार से इस तरह की किसी भी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने अपनी पार्टी की टिकट प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए आवेदन और फीडबैक की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संभावित उम्मीदवारों से आवेदन लिए जा रहे हैं और वार्ड स्तर पर पार्टी संगठन से फीडबैक जुटाया जा रहा है। उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय जनाधार, संगठन में सक्रियता और चुनाव जीतने की क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखने की बात कही गई है।

राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच टिकट को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में गतिविधियां बढ़ गई हैं। जयपुर समेत प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में बड़ी संख्या में दावेदार सामने आए हैं। टिकट पाने के लिए संभावित उम्मीदवार अपने-अपने स्तर पर पार्टी नेताओं से संपर्क कर रहे हैं और वार्डों में जनसंपर्क भी तेज हो गया है।

इसी बीच डोटासरा ने भाजपा के आंतरिक समीकरणों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर टिकट को लेकर कई स्तरों पर असंतोष है और बड़ी संख्या में नेता अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि जनता में सरकार के प्रति नाराजगी है और इसका फायदा कांग्रेस को निकाय चुनाव में मिल सकता है। हालांकि, यह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का राजनीतिक आकलन है और इसका वास्तविक असर चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन में पार्टी संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता देगी। उनके मुताबिक, वार्ड की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को समझने वाले स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक उम्मीदवार चयन में ज्यादा महत्वपूर्ण है।

निकाय चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। ऐसे में डोटासरा का यह आरोप चुनावी माहौल में नया मुद्दा बन सकता है। अब भाजपा की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या सरकार प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए किसी तरह का सर्वे कराए जाने के आरोप को खारिज करती है, इस पर नजर रहेगी।

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