वोटिंग से पहले शराब की खेप पकड़ी, लग्जरी कार से 237 पव्वे-12 बोतलें बरामद; जांच में जुटी पुलिस

News Desk

Bikaner News : राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर पुलिस की निगरानी के बीच बीकानेर जिले के देशनोक में अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई है। देशनोक थाना पुलिस ने नाकेबंदी और चेकिंग अभियान के दौरान एक ब्लैक रंग की लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली तो उसके अंदर देशी और अंग्रेजी शराब के सैकड़ों पव्वे और बड़ी बोतलें मिलीं। पुलिस ने शराब के साथ कार को भी जब्त कर लिया है। तलाशी के दौरान वाहन से एक राजनीतिक दल से जुड़ा दुपट्टा और कुछ दस्तावेज मिलने का दावा भी सामने आया है। ऐसे में पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच चुनावी कनेक्शन के एंगल से भी कर रही है।

देशनोक थाना पुलिस के अनुसार, चुनाव को देखते हुए इलाके में संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक ब्लैक कार को रोककर उसकी जांच की। कार की तलाशी शुरू हुई तो अंदर शराब की बड़ी खेप देखकर पुलिस ने उसे जब्त कर लिया।

पुलिस की आधिकारिक जब्ती के मुताबिक, कार से 141 देशी शराब के पव्वे, 96 अंग्रेजी शराब के पव्वे और 12 बड़ी बोतलें बरामद हुई हैं। इस तरह कुल 237 पव्वे और 12 बोतलें पुलिस के कब्जे में ली गई हैं। शराब के साथ कार को भी जब्त कर लिया गया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि यह कार्रवाई देशनोक पालिका चुनाव से ठीक पहले हुई है। चुनावी माहौल में इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद पुलिस इस संभावना को भी जांच रही है कि कहीं इसे मतदान से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तो नहीं ले जाया जा रहा था। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि बरामद शराब का इस्तेमाल चुनाव में बांटने के लिए ही किया जाना था। इस संबंध में स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस की तलाशी के दौरान कार से एक राजनीतिक दल से संबंधित दुपट्टा और कुछ दस्तावेज मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन किसके नाम पर है, शराब की खेप किसकी थी और कार में मिली राजनीतिक सामग्री का इस पूरे मामले से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, केवल किसी राजनीतिक दल का दुपट्टा या प्रचार सामग्री वाहन से मिलने भर से किसी पार्टी या व्यक्ति की संलिप्तता साबित नहीं होती।

देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले में आबकारी कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में शराब की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों और वाहन के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खेप किस रास्ते से लाई गई और इसका संभावित गंतव्य क्या था।

निकाय चुनाव के दौरान अवैध शराब, नकदी और अन्य संदिग्ध सामग्री की आवाजाही पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। ऐसे में देशनोक में शराब की यह बरामदगी चुनाव से पहले पुलिस की सख्त निगरानी का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। अब जांच की अगली कड़ी में यह साफ होना बाकी है कि इतनी बड़ी शराब की खेप के पीछे कौन था और इसे आखिर किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

देशनोक नगरपालिका में 11 सितंबर 2026 को मतदान होना है। मतदान से पहले हुई इस कार्रवाई ने इलाके के चुनावी माहौल में हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि बरामद शराब का चुनाव से कोई सीधा संबंध था या यह किसी अन्य उद्देश्य से ले जाई जा रही थी।

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