बारां में मतदान के बाद BJP प्रत्याशी पति समेत लापता, परिजनों ने जताई अपहरण की आशंका

News Desk

Baran : राजस्थान के बारां में नगर परिषद चुनाव के मतदान के बाद भाजपा प्रत्याशी और उनके पति के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से हड़कंप मच गया। वार्ड-16 से भाजपा प्रत्याशी अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव बुधवार को मतदान के लिए घर से निकले थे, लेकिन वोट डालने के बाद दोनों वापस घर नहीं लौटे। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर दोनों को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाते हुए अपहरण की आशंका जताई है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव बारां के आंबेडकर भवन स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने गए थे। मतदान पूरा होने के बाद जब दोनों काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। पहले आसपास के इलाकों और परिचितों से उनके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

परिवार के मुताबिक, इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर जानकारी मिली कि बुधवार शाम कुछ अज्ञात लोग अंतिमा यादव और संजय यादव को अपने साथ लेकर गए हैं। इसके बाद परिजन बारां के कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिवार की ओर से दोनों के लापता होने और उन्हें अज्ञात लोगों द्वारा अपने साथ ले जाने की आशंका जताई गई है।

पुलिस के अनुसार, अंतिमा यादव की सास अंगुरी बाई ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि उनकी बहू अंतिमा और बेटा संजय मतदान के लिए घर से निकले थे, लेकिन मतदान के बाद दोनों वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बावजूद दोनों का पता नहीं चलने पर परिवार ने पुलिस से उनकी तलाश करने और मामले की जांच की मांग की।

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दोनों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ-साथ उनके आखिरी मूवमेंट और उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनमें वे मतदान केंद्र से निकलने के बाद लापता हुए। आसपास के लोगों से पूछताछ के अलावा उपलब्ध जानकारी और संभावित साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

इस बीच, अंतिमा यादव की मां कृष्णा बाई भी बेटी और दामाद के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद थाने पहुंचीं। परिवार दोनों को लेकर चिंतित है और उनकी जल्द तलाश की मांग कर रहा है। पुलिस की ओर से भी दोनों की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

मतदान के ठीक बाद भाजपा प्रत्याशी और उनके पति के लापता होने की खबर सामने आने से बारां के राजनीतिक माहौल में भी हलचल बढ़ गई है। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अंतिमा यादव वार्ड-16 से भाजपा की प्रत्याशी हैं और यह घटना मतदान के दिन के बाद सामने आई है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों वास्तव में किसी आपराधिक घटना का शिकार हुए हैं या उनके लापता होने के पीछे कोई दूसरी वजह है।

राजस्थान निकाय चुनाव के दौरान कई जगहों पर राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी भी कर रहे हैं। मतदान के बाद संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अलग-अलग दलों की गतिविधियां तेज हैं। ऐसे माहौल में बारां की यह घटना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, अंतिमा यादव और संजय यादव के लापता होने को बाड़ाबंदी या किसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले को सभी संभावित पहलुओं से देख रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मतदान केंद्र से निकलने के बाद दोनों कहां गए, आखिरी बार उन्हें किसने देखा और उनके बारे में परिवार को मिली जानकारी की वास्तविकता क्या है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दोनों को वास्तव में कोई व्यक्ति अपने साथ लेकर गया था या मामला किसी अन्य परिस्थिति से जुड़ा हुआ है।

घटना के संबंध में पुलिस की जांच अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए परिवार की ओर से लगाए गए अपहरण के आरोपों को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों के मिलने और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके लापता होने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

फिलहाल बारां पुलिस अंतिमा यादव और संजय यादव की तलाश में जुटी है। मतदान के बाद सामने आए इस मामले ने न केवल परिवार बल्कि स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस की जांच और दोनों की बरामदगी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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