बारां में AAP का बड़ा उलटफेर, कांग्रेस के गढ़ में 31 वार्ड जीते; पहली बार स्पष्ट बहुमत

News Desk

Baran : राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में बारां नगर परिषद का चुनाव सबसे चौंकाने वाले परिणामों में शामिल हो गया है। यहां आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ते हुए 60 में से 31 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के साथ AAP अब बारां नगर परिषद में अपने दम पर बोर्ड बनाने की स्थिति में है। कांग्रेस को 18 वार्ड मिले, जबकि BJP 9 सीटों पर सिमट गई। दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

बारां नगर परिषद में अब तक मुख्य राजनीतिक मुकाबला BJP और कांग्रेस के बीच ही माना जाता रहा है, लेकिन इस बार AAP ने पूरे चुनावी समीकरण को बदल दिया। 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत थी और AAP ने ठीक 31 वार्ड जीतकर यह आंकड़ा हासिल कर लिया। ऐसे में बोर्ड गठन के लिए पार्टी को किसी दूसरे दल या निर्दलीय पार्षद के समर्थन की जरूरत नहीं होगी।

बारां में AAP की यह कामयाबी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पार्टी ने यहां महज कुछ वार्डों में मौजूदगी दर्ज कराने के बजाय सीधे नगर परिषद में बहुमत हासिल किया है। इससे स्थानीय स्तर पर पार्टी के लिए नया राजनीतिक आधार तैयार होने के संकेत मिलते हैं। वहीं लंबे समय से बारां की राजनीति में प्रभाव रखने वाली कांग्रेस को इस बार 18 वार्डों पर ही संतोष करना पड़ा।

BJP का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। पार्टी को 60 में से सिर्फ 9 वार्डों में जीत मिली, जबकि दो वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए। इस तरह परिषद के चुनावी समीकरण में AAP सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है और अब उसकी नजर बोर्ड के नेतृत्व पर है।

बारां में AAP के चुनाव अभियान की कमान नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौड़ के हाथों में रही। राठौड़ की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चुनाव के दौरान चर्चा में रही। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत RSS से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। इसके बाद वे BJP और कांग्रेस में भी रहे और अब AAP के साथ चुनाव मैदान में उतरे।

कमल राठौड़ ने इस चुनाव में वार्ड 46 से AAP के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। पार्टी के बहुमत हासिल करने के बाद उनकी भूमिका को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव परिणाम ने बारां की राजनीति में उनके प्रभाव को लेकर भी नई चर्चा शुरू कर दी है।

AAP की जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अब बारां नगर परिषद के सभापति पद को लेकर है। सभापति पद का आरक्षण सामान्य वर्ग की महिला के लिए है। ऐसे में पार्टी के भीतर संभावित दावेदारों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कमल राठौड़ की पत्नी शीतल राठौड़ ने भी वार्ड 37 से चुनाव जीत दर्ज की है। इसके बाद उन्हें सभापति पद के संभावित दावेदारों में देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी स्तर पर ही होगा।

चुनाव परिणाम आने के बाद कमल राठौड़ ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि बारां की जनता ने विकास के मुद्दे को प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्थानीय समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। राठौड़ ने कहा कि अब पार्टी की प्राथमिकता जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना होगी। ये उनके चुनाव परिणाम के बाद दिए गए राजनीतिक बयान हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने हार के बाद संगठन स्तर पर समीक्षा की बात कही है। कांग्रेस महासचिव कैलाश जैन ने पार्टी के प्रदर्शन की कमियों का आकलन करने की बात कही। उन्होंने BJP के राज्य शासन और स्थानीय स्तर पर हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इससे नगर परिषद के कामकाज और विकास कार्यों पर असर पड़ा। कांग्रेस नेता के मुताबिक, कथित तौर पर विकास कार्यों में आई बाधाओं से जनता में नाराजगी बनी, जिसका असर चुनाव परिणाम में दिखाई दिया। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

BJP ने भी चुनाव परिणाम को स्वीकार करते हुए संगठन की समीक्षा की बात कही है। BJP जिलाध्यक्ष नरेश सीकरवाल ने कहा कि पार्टी यह देखेगी कि चुनाव में वह कहां पीछे रही और किन कारणों से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं हो सका। इस समीक्षा के जरिए संगठनात्मक स्तर पर हुई कमियों को चिन्हित करने की बात कही गई है।

बारां का परिणाम राजस्थान की स्थानीय राजनीति में AAP की स्थिति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। राज्य के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में BJP और कांग्रेस का मुख्य मुकाबला रहा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में AAP समेत अन्य दलों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, राज्यभर में AAP ने 42 वार्डों में जीत हासिल की है। इनमें अकेले बारां के 31 वार्ड शामिल हैं, जो पार्टी के कुल प्रदर्शन का बड़ा हिस्सा है।

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