दौसा । राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार दौसा जिले के मानपुर उपखंड के गोला का बास गांव में सिलिकोसिस से पीड़ित मजदूरों व उनके परिजनों से मुलाकात की। पत्थर तराशकर देश निर्माण में योगदान देने वाले इन मजदूरों को सिलिकोसिस ने घेर लिया है। गांव में सैकड़ों विधवाएं व हजारों बीमार हैं, जिनकी आंखों में एक ही सवाल—हमारा कसूर क्या, BJP सरकार से मदद क्यों नहीं?
तस्वीरों में हाथ उठाए खड़ी महिलाएं इसी गांव की विधवाएं हैं, जिन्होंने अपने पतियों को खो दिया। गहलोत ने कहा, कांग्रेस सरकार ने 2013 में 4 लाख की सहायता शुरू की। 2019 में देश की पहली सिलिकोसिस पॉलिसी बनाई, जिसमें 5 लाख रुपये (3 लाख बीमारी पर, 2 लाख मृत्यु पर), निशुल्क इलाज व 1500 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान था। 2019-23 तक 35,000 मरीजों को 911 करोड़ दिए।
लेकिन BJP सरकार ने कई कार्ड ब्लॉक कर सहायता रोकी। गहलोत बोले, सांस के लिए तरसते मजदूर को तिरस्कार नहीं, उचित मदद मिलनी चाहिए। दौसा सिलिकोसिस हॉटस्पॉट है, जहां खनन से डस्ट फेफड़ों को नष्ट कर रही। प्रशासन ने जांच शुरू की, लेकिन पीड़ितों का दर्द बरकरार।

