नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू की। डॉक्टरों ने कोरोनरी एंजियोग्राफी समेत कई जरूरी जांच की हैं। फिलहाल एम्स के मुताबिक नड्डा की हालत स्थिर है और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय जेपी नड्डा को गुरुवार शाम अचानक बेचैनी महसूस हुई थी। इसके बाद उन्हें तुरंत एम्स ले जाया गया और कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने हृदय की धमनियों की स्थिति पता लगाने के लिए कोरोनरी एंजियोग्राफी की। इसके साथ ही उनकी सेहत का आकलन करने के लिए अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट भी किए गए।
एम्स की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद जेपी नड्डा की चिकित्सीय जांच की गई। जांच में कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल थी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और कार्डियोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं और सभी जरूरी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

नड्डा की तबीयत खराब होने की खबर के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई। कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हालांकि, अस्पताल की ओर से फिलहाल किसी गंभीर समस्या की बात नहीं कही गई है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
खास बात यह रही कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद जेपी नड्डा ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मौके पर सोशल मीडिया पर संदेश साझा किया। उन्होंने देश के बंटवारे के दौरान लोगों की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह दिन उन अनगिनत लोगों की याद दिलाता है जिन्होंने विभाजन के समय भारी कष्ट झेला।
जेपी नड्डा हाल ही में संसद के मानसून सत्र में भी काफी सक्रिय रहे हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर उन्होंने कई मौकों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। सत्र के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद नड्डा ने विपक्ष पर पलटवार किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल जेपी नड्डा एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अस्पताल की ओर से उनकी हालत स्थिर बताई गई है और आने वाले समय में उनके स्वास्थ्य को लेकर आगे की जानकारी मेडिकल अपडेट के आधार पर सामने आएगी।