विश्व बैंक के बोर्ड ऑफ एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स ने राजस्थान राजमार्ग आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 225 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह ऋण अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (आईबीआरडी) से लिया गया है, जिसकी अंतिम परिपक्वता अवधि 35 वर्ष है। इसमें विशेष रूप से स्टेप-अप लोन की सुविधा शामिल है, जो भारत में पहली बार लागू हो रही है। इस लोन में 5 वर्ष की अनुग्रह अवधि भी दी गई है, जिससे राज्य सरकार पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा और धीरे-धीरे चुकौती बढ़ेगी।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के राज्य राजमार्गों की दक्षता, मजबूती और सुरक्षा को बढ़ाना है। राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (RSRDA) को इस राशि से आधुनिक और सेवा केंद्रित संगठन में बदलने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण प्रदेश में चयनित लगभग 800 किलोमीटर लंबे राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव करेगा। इन सड़कों का चयन औद्योगिक केंद्रों, खनन क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों और कृषि प्रधान इलाकों को ध्यान में रखकर किया गया है। उदाहरण के लिए, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली सड़कों पर काम तेजी से होगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में कमी भी आएगी। विश्व बैंक के अनुसार, सड़क सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जैसे कि एडवांस्ड साइनेज, स्पीड कंट्रोल सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट्स।
इस परियोजना से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में नई फैक्ट्रियां लगेंगी, खनिज संसाधनों का बेहतर परिवहन संभव होगा, पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और कृषि उत्पादों का बाजार तक पहुंच आसान हो जाएगा। विश्व बैंक का अनुमान है कि इससे 30 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ होगा। ग्रामीण इलाकों के निवासियों को शहरों और बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। खासकर युवाओं के लिए यह वरदान साबित होगी। विश्व बैंक के भारत में कार्यवाहक निदेशक पॉल प्रोसी ने कहा, “यह परियोजना राजस्थान के युवाओं को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे वे आर्थिक गतिविधियों वाले विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकेंगे। इससे प्रदेश में औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पर्यटन फलफूल सकता है।”
राजस्थान सरकार ने इस परियोजना को राज्य की ‘राजमार्ग क्रांति’ का हिस्सा बताया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि यह कदम राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। परियोजना के तहत न केवल सड़कों का पुनर्निर्माण होगा, बल्कि डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर ठेके दिए जाएंगे, जिससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह सकारात्मक है, क्योंकि सड़कें ईको-फ्रेंडली सामग्री से बनेंगी और वन्यजीव कॉरिडोर सुरक्षित रहेंगे। स्टेप-अप लोन की खासियत यह है कि शुरुआती वर्षों में कम ब्याज चुकाना होगा, जो राज्य के बजट को संतुलित रखेगा।
कुल मिलाकर, यह परियोजना राजस्थान को एक आधुनिक, कनेक्टेड और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि सामाजिक समावेश भी बढ़ेगा। आने वाले दिनों में इन सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ेगा और राज्य का जीडीपी ग्रोथ रेट ऊंचा चढ़ेगा।

