जयपुर। राजस्थान कांग्रेस के वॉर रूम चेयरपर्सन जसवंत गुर्जर ने मुख्यमंत्री के एक आधिकारिक व्हाट्सएप मैसेज को लेकर सवाल उठाए है । उन्होंने X पर लिखा कि जिस तरह से CM OSD द्वारा पत्रकारों के व्हाट्सएप ग्रुप में यह संदेश भेजा गया कि मुख्यमंत्री ने दलित के घर भोजन किया वह जातियों में बंटने वाली सोच का परिचायक है। गुर्जर ने लिखा कि मुख्यमंत्री एक जाति या समुदाय के नेता नहीं, पूरे प्रदेश के होते हैं और सभी नागरिक उनके लिए समान होने चाहिए।
गुर्जर ने कहा कि अगर भोजन करना सामाजिक समरसता का संदेश है, तो उसे दलित बनाम अन्य के रूप में क्यों पेश किया गया? केवल रील और प्रचार के आधार पर जनता को वर्गों और जातियों में बाँटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर ऐसे संदेश CM के संज्ञान में जारी हैं, तो यह चिंता की बात है, और बिना संज्ञान के अगर ऐसा हो रहा है तो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति संवेदनशीलता से चलती है सिर्फ प्रचार से नहीं।

