Jaipur : जयपुर नगर निगम चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण लंबित रखे गए चार वार्डों के नतीजे गुरुवार को घोषित कर दिए गए। री-पोलिंग वाले चारों वार्ड कांग्रेस के खाते में गए, जिससे पार्टी की सीटें 53 से बढ़कर 57 हो गईं। हालांकि, 150 सदस्यीय नगर निगम में BJP 78 सीटों के साथ बहुमत में बनी हुई है।
16 सितंबर को वार्ड 9, 18, 25 और 34 के कुल पांच मतदान केंद्रों पर दोबारा वोट डाले गए थे। 14 सितंबर को मतगणना के दौरान इन बूथों से जुड़ी ईवीएम में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद यहां के परिणाम रोक दिए गए थे। री-पोलिंग के बाद गुरुवार को मतगणना हुई और चारों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
वार्ड 9 से कांग्रेस की कैलाशी ने 764 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। वार्ड 18 में वंदिता शर्मा 181 वोटों से विजयी रहीं। वार्ड 25 में रेखा देवी ने 397 वोटों से चुनाव जीता, जबकि वार्ड 34 में कांग्रेस के सुरेश यादव ने 149 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस तरह जिन चार वार्डों के परिणाम तीन दिन से अटके हुए थे, वहां कांग्रेस ने एकतरफा तौर पर चारों सीटें अपने नाम कर लीं।
चारों परिणाम जुड़ने के बाद जयपुर नगर निगम की अंतिम पार्टीवार स्थिति भी सामने आ गई है। BJP के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय पार्षदों की संख्या 15 है। 150 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 76 है, इसलिए BJP ने पहले ही बहुमत हासिल कर लिया था। री-पोलिंग के चारों वार्ड कांग्रेस के खाते में जाने से सीटों का अंतर जरूर घटा है, लेकिन निगम में बहुमत की स्थिति पर इसका असर नहीं पड़ा।
जयपुर नगर निगम के लिए मतदान 11 सितंबर को हुआ था और 14 सितंबर को अधिकांश वार्डों की मतगणना पूरी हो गई थी। उस दिन 146 वार्डों के परिणाम सामने आए थे, जिनमें BJP को 78, कांग्रेस को 53 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 15 सीटें मिली थीं। चार वार्डों में ईवीएम से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण इनका परिणाम बाद में घोषित किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 16 सितंबर को इन चार वार्डों के पांच मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। वार्ड 9 और 18 में एक-एक, जबकि वार्ड 25 में एक और वार्ड 34 में दो मतदान केंद्रों पर वोटिंग दोबारा हुई। इसके बाद हुई मतगणना में चारों जगह कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे।
अब जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों का चुनावी गणित सामने है। BJP बहुमत के आंकड़े से दो सीट ऊपर है, जबकि कांग्रेस 57 पार्षदों के साथ विपक्ष में रहेगी। 15 निर्दलीय पार्षदों की संख्या भी सदन में मौजूद है, लेकिन मौजूदा सीट गणित में BJP के पास अकेले बहुमत है।
चार वार्डों की री-पोलिंग ने अंतिम नतीजों में कांग्रेस की संख्या जरूर बढ़ाई है, लेकिन इससे नगर निगम की बहुमत वाली तस्वीर नहीं बदली। अब सभी वार्डों के परिणाम घोषित होने के बाद निगाहें मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की अगली प्रक्रिया पर रहेंगी। जयपुर उन चार निकायों में शामिल है, जिनके मेयर/डिप्टी मेयर चुनाव की प्रक्रिया लंबित परिणामों के कारण प्रभावित हुई थी।